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Buldhana

पुलिस के शस्त्रागार से एक आरोपी नक़ली पुलिसकर्मी बन हथियार ले गया,आठ साल तक पुलिस को ख़बर ही नहीं


बुलढाणा-बुलढाणा पुलिस के शस्त्रागार से आठ साल पहले ग़ायब हुए पिस्तौल और 35 जिंदा कारतूस के मामले में शिकायत दर्ज हुई है.दिलचस्प और खास यह है की पुलिस के हथियार आज कल नहीं 8 साल पहले गायब हुए थे.पुलिस उपनिरीक्षक की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज हुआ है.पुलिस द्वारा ही उपलब्ध कराई गयी जानकारी के मुताबिक खुद को उपनिरीक्षक बताते हुए राजेश व्ही. सरपोतदार नामक आरोपी ने शस्त्रागार से एक 9 mm की पिस्तौल और 35 जिंदा कारतूस ग़ायब किये थे.यह घटना वर्ष 2014 की है.पुलिस उपनिरीक्षक गिरीश तथोड़े की शिकायत पर आरोपी के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज हुई है.

क्या है मामला 
वर्ष 2014 में खुद को खामगांव के शिवाजी पुलिस थाने में कार्यरत होने की जानकारी देते हुए राजेश व्ही. सरपोतदार नामक व्यक्ति ने पुलिस उपाधीक्षक ( गृह ) के पास पिस्तौल के लिए आवेदन दिया था.इसके बाद 29 अप्रैल 2014 को उसे 9 mm की पिस्तौल और 35 जिंदा कारतूस दिए गए थे.लेकिन राजेश ने इस सामग्री को शस्त्रागार में जमा नहीं कराया था.दरअसल उसने खुद को पुलिस उपनिरीक्षक बताकर यह हथियार हासिल किये थे जो असल में इस पद पर था ही नहीं। अब इस मामले में लगभग आठ साल बाद चौकन्नी हुई पुलिस ने जागते हुए राजेश व्ही. सरपोतदार की खोज लगाने का काम किया।जाँच में पता चला इस नाम का कोई पुलिसकर्मी तहसील,जिला यहाँ तक की राज्य भर में ही नहीं है इसके बाद अब जाकर इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गयी है और आरोपी की तलाश की जा रही है.