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Nagpur

CBI की शहर में बड़ी कार्रवाई, फर्जी रिसर्च और फर्जी कंपनी मामले में नीरी कार्यालय में की जाँच


नागपुर: नागपुर स्थित नॅशनल एन्व्हायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इन्स्टिट्यूट नीरी में बुधवार को सीबीआई की टीम के पहुँचने से खलबली मच गई। नीरी संस्थान में फर्जी रिसर्च और फर्जी कंपनी बनाकर लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार होने का मामला है। बुधवार सुबह 10 बजे सीबीआई के 12 से 15 अधिकारी NEERI के मुख्य कार्यालय पहुंचे और सीधे NEERI के डायरेक्टर कार्यालय में सर्च शुरू कर दिया। 

गौरतलब है कि भ्रष्टाचार को लेकर इससे पहले भी NEERI के डायरेक्टर रहे राकेश कुमार को निलंबित किया गया था और एक बार फिर भ्रष्टाचार को लेकर ये कार्यवाही की गई है। दरअसल, निरी संस्थान केंद्र सरकार के अंतर्गत आती है और पर्यावरण से जुडे कई मामलों की देश भर में महत्वपूर्ण रिसर्च करता है। यहां भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर ये कार्रवाई की गई है।

इस कार्रवाई में सीबीआई ने टेंडरिंग और खरीद में भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीएसआईआर-नीरी नागपुर के तत्कालीन निदेशक और चार वैज्ञानिकों और पांच निजी फर्मों सहित दस आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। 

आज सीबीआई द्वारा महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और दिल्ली में करीब 17 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। अब तक इसमें आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति से संबंधित दस्तावेज और आभूषण आदि बरामद हुए हैं।