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Nagpur

Nagpur: बोगस टेंडर का खुलासा, वस्तीगृह सफाई का फर्जी ठेका देने पर एफआईआर दर्ज


नागपुर: नागपुर में सरकारी विभाग के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। जिले के समाज कल्याण विभाग के नाम पर 20 अनुदानित वस्तीगृहों की सफाई के लिए बोगस टेंडर जारी किया गया। इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड श्रीकांत डोईफोडे के खिलाफ सदर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

तीन दिन पहले आरोपी श्रीकांत डोईफोडे ने जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग के नाम से एक फर्जी विज्ञापन प्रकाशित किया। विज्ञापन में 20 वस्तीगृहों की सफाई का ठेका देने की बात कही गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस विज्ञापन के लिए समाज कल्याण विभाग के नकली लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया था। 

इस फर्जीवाड़े में एक कंपनी को ठेका भी दे दिया गया था और 21 मार्च से सफाई कार्य शुरू करने का निर्देश भी दिया गया था। जब कंपनी ने इसकी पुष्टि के लिए समाज कल्याण विभाग से संपर्क किया, तब यह खुलासा हुआ कि ऐसी कोई टेंडर प्रक्रिया हुई ही नहीं थी।

फिलहाल, पुलिस इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है। क्या इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था? या फिर यह सिर्फ एक व्यक्ति की चाल थी? इसका खुलासा अब पुलिस  की जांच में ही हो पायेगा।