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Chandrapur

Chandrapur: विधायक सुधाकर अड़बाले ने फर्जी शिक्षक भर्ती मामले की गहन जांच की मांग, कहा- मानसून सत्र में उठाएंगे मुद्दा


चंद्रपुर: नागपुर जिले सहित राज्य के कई स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में व्यापक अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अयोग्य अभ्यर्थियों की भर्ती की गई है तथा योग्य अभ्यर्थियों को अस्वीकृत कर दिया गया है। इस संबंध में नागपुर विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधायक सुधाकर अड़बाले ने पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।

2 मई 2012 से शिक्षक भर्ती पर रोक के बावजूद सरकारी मंजूरी की आड़ में फर्जी तरीके से नियुक्तियां कर ली गईं। अगस्त 2013 से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य हो गई, लेकिन बेरोजगार उम्मीदवार जिन्होंने डी.एड. पूरा कर लिया था, वे अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले भी कई लोगों को पिछली तारीखों पर नियुक्तियां दी गई थीं, जिससे सरकार को धोखा मिला था। यह भी पता चला है कि इस घोटाले में कुछ नियुक्तियां मृत शिक्षा अधिकारियों के व्यक्तिगत अनुमोदन और उनके हस्ताक्षर के आधार पर की गई थीं।

बाद में पता चला कि वेतन अधिकारी, शिक्षा अधिकारी और शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय की मिलीभगत से फर्जी भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था। इस पृष्ठभूमि में, अड़बाले ने पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों और संस्थान के निदेशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है। इसके साथ ही विधायक ने कहा कि आगामी मानसून सत्र में इस मामले को सदन में उठाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।