logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में शराबी चालक का कहर, दोपहिया को मारी टक्कर; दो घायल, RPTS चौक की घटना ⁕
  • ⁕ Amravati: लाइनमैन की लापरवाही से आदिवासी युवक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Amravati: क्राइम ब्रांच टीम की जुएं आड़े पर कार्रवाई, 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चिकन खाने के दौरान हुआ विवाद, चचेरे भाई ने 12 वर्षीय भाई की हत्या; अमरावती जिले के भातकुली की घटना ⁕
  • ⁕ Chandrapur: सांसद धानोरकर के स्नेहमिलन से वडेट्टीवार गुट की दूरी, चंद्रपुर कांग्रेस में विवाद बरकरार ⁕
  • ⁕ AIIMS नागपुर में रिक्त पदों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नियुक्य किया अदालत मित्र; दो हफ्तों में सुधारात्मक सुझावों की सूची देने का दिया निर्देश ⁕
  • ⁕ Nagpur Airport Expansion: AID ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, क्षेत्रीय विकास के लिए एयर कनेक्टिविटी को बताया जरूरी; मांग पूरी न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Chandrapur

Chandrapur: तस्करों की जंजीरें तोड़ 770 मासूम जानवरों को दी ज़िंदगी की नई साँस


चंद्रपुर: मानवता को शर्मसार करने वाली अवैध पशु तस्करी पर लगाम कसने के लिए चंद्रपुर पुलिस ने पिछले दस महीनों में एक मिसाल पेश की है। जान की बाजी लगाकर, दिन-रात सड़कों पर गश्त करते हुए पुलिस ने मौत के मुँह से 770 जानवरों को बचाकर नई ज़िंदगी दी। 1 जनवरी से 31 अक्टूबर 2025 तक के दस महीनों में पशु तस्करी के 58 मामलों में कार्रवाई करते हुए 163 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 7 करोड़ 74 लाख 77 हज़ार 750 रुपए का माल ज़ब्त किया गया है। यह सिर्फ आँकड़े नहीं, बल्कि उन बेबस जानवरों की करुण पुकार पर पुलिस की संवेदनशील प्रतिक्रिया की कहानी है।

पुलिस की मुहिम बनी संवेदनशीलता की मिसाल

एक ओर जहाँ गाय को “गोमाता” और बैल को “किसान का साथी” कहा जाता है, वहीं कुछ लालची व्यापारी थोड़े से पैसों के लालच में इन निर्दोष पशुओं को अवैध रूप से वध के लिए तस्करी करते हैं। इसी पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन ने स्थानीय अपराध शाखा और सभी थाना पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए। इन निर्देशों के बाद स्थानीय अपराध शाखा (LCB) और जिला पुलिस ने रात-दिन राजमार्गों पर गश्त बढ़ाई।


गुप्त जानकारी के आधार पर कई छापेमारी कर पुलिस ने तस्करों के कई षड्यंत्रों को अंजाम तक पहुँचने से पहले ही ध्वस्त कर दिया। दस महीनों में की गई 58 कार्रवाइयों के दौरान पुलिस ने 770 निर्दोष जानवरों को कसाईखानों की ओर जा रहे ट्रकों से मुक्त कराया और 163 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा।

पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन का वक्तव्य

कानून और व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। पशु तस्करी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं दस महीनों में 770 जानवरों को मुक्त कराया गया और लगभग सात करोड़ रुपए का माल जब्त किया गया। किसी भी सामाजिक संगठन या नागरिक के पास ऐसी जानकारी हो तो तुरंत हमें सूचित करें, हम तत्काल कार्रवाई करेंगे। परंतु किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।”

तेलंगाना मार्ग बना ‘हॉटस्पॉट

जाँच में सामने आया है कि चंद्रपुर जिले से तेलंगाना राज्य के दिशा में पशु तस्करी के कई प्रयास किए जा रहे थे।इसी कारण पुलिस ने तेलंगाना मार्ग पर विशेष निगरानी रखी, जिसका नतीजा यह रहा कि पिछले दस महीनों में 770 जानवरों की सफलतापूर्वक मुक्ति संभव हो पाई। एसपी के आदेशानुसार स्थानीय अपराध शाखा (LCB) के पुलिस निरीक्षक अमोल काचोरे ने कई विशेष टीम गठित कीं। इन्हीं टीमों ने अलग-अलग इलाकों में लगातार कार्रवाई करते हुए सबसे अधिक सफलता हासिल की। दस महीनों में हुई 58 कार्रवाइयों में एलसीबी का योगदान सबसे प्रमुख रहा है।