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Chandrapur

Chandrapur: एक लाख रिश्वत मामला, चेतन खारोडे और अभय खताल निलंबित


चंद्रपुर: बीयर दुकान के लाइसेंस के लिए एक लाख की रिश्वत लेने वाले उपनिरीक्षक चेतन खरोडे और कार्यालय अधीक्षक अभय खटाल को निलंबित कर दिया गया है। उत्पाद अधीक्षक संजय पाटिल के निलंबन का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। दोनों अधिकारीयों को निलंबित करने की जानकारी सामने आने के बाद उत्पाद शुल्क विभाग में हड़कंप मच गया है।

उल्लेखनीय है कि, सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने खरोडे और खटाल को जमानत दी है, वहीं पाटिल की गिरफ्तारी से पहले जमानत वाली याचिका को ख़ारिज कर दी। 

घुग्घुस स्थित गोदावरी बीयर बार एंड रेस्तरां के संचालक ने पुलिस उपाधीक्षक मंजूषा भोसले के पास शिकायत दर्ज कराई कि उप निरीक्षक चेतन खरोडे, कार्यालय अधीक्षक अभय खटाल ने उनसे रुपये की रिश्वत मांगी। इस शिकायत के आधार पर मंगलवार 7 मई को जाल बिछाया गया और खारोदे और खटाल दोनों को एक लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने दोनों को कोर्ट में पेश किया और पुलिस हिरासत की मांग की। जिसपर अदालत ने दोनों को 10 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। 

उत्पाद शुल्क विभाग ने खरोडे और खटाल दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है क्योंकि दोनों अधिकारी 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रहे और फिर तीन दिनों तक जेल में रहे। साथ ही 7 मई से फरार चल रहे उत्पाद विभाग के अधीक्षक संजय पाटिल के निलंबन का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है  इस मामले में पालक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से एसआईटी जांच की मांग की है, वहीं विधायक सुधाकर अड़बाले ने भी गृह मंत्री से तीनों अधिकारियों की संपत्ति की जांच की मांग की है।