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Nagpur

"कब्र से निकालकर आरोपियों को दिलाएंगे सजा", पुलिसकर्मियों पर हुए हमले पर CM फडणवीस ने आक्रामक रुख अपनाया


नागपुर: उपराजधानी नागपुर में हुई हिंसा (Nagpur Violence) के दौरान पुलिसकर्मियों पर किये गए हमले और महिला अधिकारीयों के साथ छेड़छाड़ (Molesting of Women Officers) मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने आक्रामक रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, "इसमें शामिल किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा, उन्हें कब्र से निकलकर भी सजा दिलाई जाएगी। बुधवार को विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि, "झूठी अफवाह फैलाकर नागपुर में साजिश के तहत हिंसा कराई गई।" 

मुख्यमंत्री ने कहा, "नागपुर मामले में पुलिस कमिश्नर और मैंने अलग-अलग बात नहीं की, पुलिस कमिश्नर ने ही मुझे जानकारी दी। नागपुर मामले में पुलिस पर हमला करने वालों को कब्र से ढूंढकर निकाला जाएगा, अन्य मामलों में उन्हें माफ कर दिया जाएगा, लेकिन अगर वे पुलिस पर हमला करते हैं, तो उन्हें माफ नहीं किया जाएगा। नागपुर शांतिपूर्ण है, यह हमेशा शांतिपूर्ण रहता है। कुछ लोगों ने जानबूझकर ऐसा किया है।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "औरंगजेब का मकबरा जला दिया गया, लेकिन उसमें कोई अयातुल्ला नहीं था। फिर भी, यह दावा करते हुए संदेश वायरल हुए कि आयत को जानबूझकर जलाया गया था। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। फडणवीस ने कहा है कि पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, अन्यथा वह चुप नहीं रहेंगे।"

1992 के बाद नागपुर में नहीं हुआ सांप्रदायिक तनाव 

फडणवीस ने कहा, "नागपुर एक शांतिप्रिय शहर है। यहां तक ​​कि जब 1992 में सांप्रदायिक तनाव भड़क उठा, तब भी शहर शांतिपूर्ण था। हालाँकि, इस बार कुछ उपद्रवियों ने जानबूझकर हिंसा भड़काने की कोशिश की। इस मामले की पूरी जांच चल रही है। जिस कपडे को लेकर यह विवाद हुआ, उस पर पवित्र कुरान की कोई आयत नहीं लिखी थी। हालांकि, फडणवीस ने कहा कि, "कुछ लोगों ने अफवाहें फैलाईं और संदेश वायरल हो गए, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।"