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गोंदिया जिला परिषद में ‘महा घोटाला’,एक दिन के जूडो और कराटे का प्रशिक्षण देने के वसूले 85 लाख रुपये


गोंदिया: गोंदिया जिला परिषद के महिला एवं बाल विकास विभाग में 85 लाख रुपए का घोटाला होने की बात सामने आई है। अनुसूचित जाति की लड़कियों, महिलाओं और शिक्षकों से जूडो और कराटे प्रशिक्षण के नाम पर यह पैसे वसूले गए। सिर्फ एक दिन प्रशिक्षण देने के लिए 85 लाख रुपए वसूले गए हैं। अधिकारियों की मिलीभगत से तीन एनजीओ ने यह घोटाला किया है। 

महाराष्ट्र सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, महिला एवं बाल विकास विभाग ने गोंदिया जिला परिषद की ओर से तीन गैर सरकारी संगठनों का चयन किया। ताकि प्रत्येक स्कूल में लड़कियों, महिलाओं और शिक्षकों को आत्मरक्षा के पाठ पढ़ाने के लिए जूडो और कराटे का प्रशिक्षण दिया जा सके। तीनों गैर सरकारी संगठनों को जिले में स्कूल दिए गए। एनजीओ को प्रत्येक स्कूल में जाकर 120 घंटे का प्रशिक्षण देना था। लेकिन वह केवल एक दिन के लिए ही स्कूल गये और छात्रों को प्रशिक्षण दिया और फिर सब बंद।

सरकार की आंखों में धूल झोंकते हुए तीनों गैर सरकारी संगठनों ने तत्कालीन अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं की मदद से 8500 छात्रों को प्रशिक्षित देने की बात कहकर 85 लाख रुपये की राशि ले ली। इन एनजीओ ने प्रशिक्षण दिए बिना सरकार पर दोष मढ़कर गरीबों का शोषण करने का काम किया है। इस संबंध में कांग्रेस की ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। 

यह निविदा 2022-23 में आयोजित की गई थी। उनकी प्रशिक्षण अवधि 28 मार्च 2024 तक थी, लेकिन एनजीओ ने प्रशिक्षण दिए बिना ही बिल उठा लिया। हालांकि स्कूल प्रिंसिपल ने यह पत्र नहीं दिया कि उन्होंने 120 घंटे का प्रशिक्षण दिया है, फिर भी किस आधार पर अधिकारियों ने इस एनजीओ को पूरी राशि दे दी? अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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