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Bhandara

Bhandara: भंडारा जिले में कई लोगों ने फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र पेश कर हासिल की नौकरी, शिकायत के बाद अफसरों की उड़ी नींद


भंडारा: भंडारा जिले जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कुछ लोगों ने नौकरी में पदोन्नति और स्थानांतरण में छूट पाने के लिए झूठे विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए हैं। इसी के साथ कई लोगों ने फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सरकारी नौकरियां हासिल की हैं।

भंडारा जिले में कई लोगों ने फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके जिले में दिव्यांगों के लिए आरक्षित वर्ग 3 और वर्ग 4 की नौकरियों में नौकरी प्राप्त कर ली है। कुछ लोगों ने पदोन्नति और छूट पाने के लिए झूठे प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए हैं। यह खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता विजय शिरसागर ने किया है। उन्हें कुछ अधिकारियों पर संदेह हुआ और उन्होंने आरटीआई दायर कर जिला कलेक्टर कार्यालय से विकलांग कोटे के तहत कार्यरत लोगों की सूची मांगी। उन्हें कुछ लोगों पर संदेह था। इस संबंध में उन्होंने उन विकलांग लोगों की पुनः जांच की मांग की है। 

डिप्टी कलेक्टर स्मिता बेलपत्रे ने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर दिव्यांगों के बारे में जानकारी दी है। उन्हें जिला सर्जन से एक पत्र मिला जिसमें जांच का अनुरोध किया गया था। एक पत्र जारी किया गया था जिसमें कुल 11 ऐसे संदर्भ दिए गए थे, लेकिन अधिकारियों ने उस पत्र को केले की टोकरी के रूप में दिखाया है।

अगस्त 2023 में राज्य के मुख्य सचिव, विभागीय आयुक्त, पालकमंत्री, जिला कलेक्टर को निवेदन किया गया कि इन संदिग्ध दिव्यांग कर्मचारियों की नागपुर मेडिकल बोर्ड के माध्यम से साक्ष्य सहित सम्पूर्ण चिकित्सा जांच की जाए तथा यूडीआईडी ​​को भी अद्यतन किया जाए।