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Nagpur

इंद्रजीत सावंत धमकी मामला: फरार चल रहे प्रशांत कोरटकर को बड़ी राहत, अदालत ने 11 मार्च तक गिरफ़्तारी पर लगाई रोक


नागपुर: इतिहासकार इंद्रजित सावंत धमकी (Indrajeet Sawant Threat Case) और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) सहित संभाजी महाराज (Chhatrapati Sambhaji Maharaj) के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करने मामले में फरार चल रहे पूर्व पत्रकार प्रशांत कोरटकर (Prashant Koratkar) को बड़ी राहत मिली है। कोरटकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोल्हापुर की निचली अदालत (Kolhapur Session Court) ने गिरफ़्तारी पर 11 मार्च तक रोक लगा दी है। 

ज्ञात हो कि, छत्रपति संभाजी महाराज को लेकर इतिहासकार इंद्रजित सावंत ने दावा किया था। जिसको लेकर उन्होंने मीडिया में बयान दिया था। बयान के बाद  इंद्रजित सावंत ने एक ऑडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने दावा प्रशांत कोरटकर नमक व्यक्ति द्वारा जान से मारने की धमकी देने की बात कही थी। सावंत ने कहा था कि, मंगलवार सुबह फोन आया था। फोन करने वाले ने अपना नाम ‘प्रशांत कोराटकर’ बताया और कथित तौर पर ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश के लिए उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

धमकी देने को लेकर सावंत ने कोल्हापुर पुलिस  में प्रशांत कोरटकर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद से कोरटकर फरार चल रहा था। कोल्हापुर के बाद नागपुर में भी कोरटकर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस लगातार कोरटकर की तलाश कर रही थी। लेकिन वह नहीं मिल रहा था। 

इसी दौरान कोरटकर ने अपने वकीलों की मदद से कोल्हापुर की निचली अदालत में गिरफ़्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी। कोरटकर की याचिका पर आज शनिवार को कोल्हापुर की निचली अदालत में सुनवाई हुई। जहां अदालत ने कोरटकर को राहत देते हुए गिरफ़्तारी पर 11 मार्च तक रोक लगा दी। हालांकि, अदालत ने अभी तक कोरटकर को जमानत नहीं दी है, 11 मार्च को होने वाली सुनवाई के बाद याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी।