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Nagpur

Kamble Murder Case: अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, नाबालिग को तीन साल की कैद


नागपुर: शहर के चर्चित कांबले परिवार हत्याकांड मामले में शुक्रवार को जिला व सत्र न्यायालय ने फैसला सुना दिया है। अदालत ने गणेश शाहू,  उसकी पत्नी गुड़िया शाहू और एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं नाबालिग को तीन साल की कैद सजा सुनाई गई है।  न्यायाधीश एस.बी. गावंडे की कोर्ट ने यह सजा सुनाई। 

गौरतलब रहे कि, फरियादी रविकांत कांबले की माता उषा बाई कांबले का गणेश शाहू और उसकी पत्नी गुड़िया शाहू से बिसी के पैसो को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के चलते शाहू दम्पति ने अन्य नाबालिग के साथ मिलकर 17 फरवरी 2018 को उषाबाई और डेढ़ वर्ष की नाती राशि काम्बले की निर्मम हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने उनके शवों को एक बोरी में डालकर घर के पास ही स्थित एक नाले में डाल कर ठिकाने लगा दिया था।

इस हत्याकांड के सामने आने के बाद से शहर एम् हड़कंप मच गया था। सरकार ने इस केस में वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम को सरकारी वकील के तौर पर नियुक्ति किया था। करीब पांच साल चले केस के बाद आज सत्र न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान किया। इसी के साथ अदालत ने आरोपियों पर एक-एक हजार का जुर्माना भी लगाया। 

अदालत के फैसले से संतुष्ट 

वहीं अदालत के निर्णय पर फिर्यादी रविकांत कांबले ने संतोष जताया है। रविकांत ने कहा, "अदालत ने इस हत्याकांड पर जो निर्णय लिया है। उससे हम संतुष्ट है। जिस तरह से मेरे माँ और बेटी की हत्या की गई थी उसके लिए आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी। वहीं अदालत ने भी ऐसा ही आदेश दिया। इसी के साथ कांबले ने जांच के लिए नागपुर पुलिस का भी धन्यवाद किया है।