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Nagpur

Nagpur: क्यूआर कोड के जरिए दान के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, एटीएस की सतर्कता से हुआ रैकेट का पर्दाफाश


नागपुर: धार्मिक स्थलों, विशेषकर मदरसों के बाहर क्यूआर कोड के जरिए दान जुटाने का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एटीएस की सटीक जांच और सतर्कता से इस रैकेट का पर्दाफाश हुआ। कपिल नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और इस मामले में गहरी छानबीन की जा रही है कि कहीं यह पैसा देश विरोधी गतिविधियों में तो इस्तेमाल नहीं हो रहा था।

पुलिस के अनुसार इस घोटाले का मुख्य आरोपी मोहम्मद एजाज अंसारी और मोहम्मद मुस्तकीन अंसारी हैं, जो दारुल उलूम गौसिया इंजेजामिया नामक पंजीकृत संस्था से जुड़े हुए थे। आरोपियों ने एक निर्माणाधीन इमारत पर संस्था का बैनर लगाकर उसके नीचे क्यूआर कोड चिपकाया, जिससे लोग बिना जांचे-परखे दान दे रहे थे।

एटीएस के एक कर्मचारी को क्यूआर कोड पर संदेह हुआ और उसने 50 रुपये दान किए, लेकिन यह रकम संस्था के खाते में नहीं गई, बल्कि स्टार कंप्यूटर सोल्यूशंस नामक एक निजी कंपनी के खाते में जमा हो गई। इसके बाद जांच में यह सामने आया कि पिछले दो वर्षों में इस खाते में 68 लाख रुपये से अधिक जमा हुए थे।

कपिल नगर पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस रकम का स्रोत क्या था और यह किस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल हुई। आरोपी मोहम्मद एजाज अंसारी के बैंक खातों के स्टेटमेंट जब्त कर लिए गए हैं, और यह पता लगाया जा रहा है कि यह पैसा किसे भेजा गया और इसका उद्देश्य क्या था।