logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का बड़ा खुलासा! रियाज़ काज़ी गिरफ्तार, 23 अप्रैल तक पुलिस रिमांड ⁕
  • ⁕ यवतमाल के रालेगांव से 34 आदिवासी लड़कियां लापता, 6 महीनों में सामने आया चौंकाने वाला मामला ⁕
  • ⁕ भेंडवल की भविष्यवाणी जारी – इस साल कैसा रहेगा मानसून? देश के नेतृत्व को लेकर भी किया गया बड़ा दावा ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर BJP विवाद पर प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण बोले - मेरे नियंत्रण से बाहर है चंद्रपुर का विवाद ⁕
  • ⁕ ताहिर बेग ने खुद को महाराज बताकर महिला का किया शोषण, पुलिस ने आरोपी को अमरावती से किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, पांचपावली पुलिस की ऑपरेशन थंडर के तहत कार्रवाई ⁕
  • ⁕ अमरावती विभाग में बनेंगे 'हाईटेक' एसटी बस स्टॉप; 15 करोड़ रुपये के 'प्रतीक्षालयों' को मिली मंजूरी ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

Nagpur Fake Teacher Appointment Scam: उपसंचालक उल्हास नरड गिरफ्तार, डीसीपी राहुल मदने ने दी जानकारी


नागपुर: जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक नियुक्ति (Nagpur Fake Teacher Appointment Scam) के एक गंभीर मामले में शिक्षा विभाग (Education Department) के उपसंचालक उल्हास नरड (Ullahs Narad) को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। इस मामले में नागपुर पुलिस उपायुक्त राहुल मदने (Rahul Madne) ने बताया कि संबंधित स्कूल ने पहले ही विभाग को इस बारे में सूचित किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण यह कदम उठाया गया।

डीसीपी मदने के अनुसार, उल्हास नरड को गढ़चिरोली (Gadchiroli) से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बोगस कागजातों के आधार पर एक व्यक्ति को सीधे मुख्याध्यापक पद पर नियुक्ति दी थी जिसे भी इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है ।गिरफ्तार किए गए आरोपी पराग पुडके भंडारा जिले के लाखनी तालुका स्थित एक स्कूल में बिना किसी शिक्षक अनुभव के मुख्याध्यापक के पद पर नियुक्त हुए थे।

जांच में यह सामने आया है कि पुडके को शिक्षक पद का कोई अनुभव नहीं था, न ही उन्होंने कभी शिक्षक के तौर पर काम किया था, फिर भी उन्हें शालार्थ प्रणाली में मुख्याध्यापक के रूप में दर्ज कर दिया गया। इससे पहले भी इस प्रकरण में वेतन शाखा व भविष्य निर्वाह निधि अधीक्षक निलेश वाघमारे को निलंबित किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों की माने तो इस मामले में  और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।