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Nagpur

Nagpur Violence: 50 से अधिक वाहन जलाए गए, 34 पुलिसकर्मी व 5 नागरिक घायल


नागपुर: शहर में भड़की हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। मंगलवार को पालक मंत्री बावनकुले सभी आला अधिकारियों के साथ चर्चा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और मिनट दर मिनट जानकारी ले रहे हैं। घटना में 34 पुलिसकर्मी और 5 नागरिक घायल हुए हैं, जबकि 50 से 55 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

प्रशासन के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिससे तनाव और बढ़ा। हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस ने उचित कदम उठाए और स्थिति को नियंत्रण में रखा है। राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अब तक 5 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस अब ट्रिगर पॉइंट की जांच कर रही है और कॉल रिकॉर्ड  खंगाले जा रहे हैं ताकि इस घटना के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। प्रशासन और पुलिस ने सभी समुदायों से नागपुर की सांस्कृतिक विरासत बनाए रखने की अपील की है। राज्य सरकार ने विपक्ष से भी अनुरोध किया है कि इस घटना को राजनीतिक रंग न दिया जाए और सभी दल मिलकर शहर में सौहार्द बनाए रखें।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता बाबनकुले ने बताया कि पुलिस ने अपनी जान की परवाह किए बिना दो समुदायों के बीच ढाल बनकर खड़ी रही, जिससे हालात और न बिगड़ें। उन्होंने कहा कि आगे आने वाले शोभायात्राओं को लेकर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। फिलहाल नुकसान का पंचनामा किया जा रहा है और हालात को सामान्य करने के लिए प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है।