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Nagpur

Nagpur Violence: हिंसा भड़काने में बांग्लादेशी कनेक्शन, जांच में बड़ा खुलासा; खुफिया एजेंसियां हुई ​​सक्रिय


नागपुर: उपराजधानी नागपुर में सोमवार रात को हुए दंगों (Nagpur Violence) को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान पता चला है शहर में दंगे भड़काने के लिए जिन सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया है वह बांग्लादेश (Bangladesh) से संचालित किए जा रहे थे। पुलिस को नागरिकों में नफरत फैलाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भड़काऊ पोस्ट की जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ। जानकारी सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां ​​सक्रिय  हो गई हैं। शहर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस दिशा में जांच भी शुरू कर दी है। 

सोमवार की हिंसा को फैलाने में सोशल मीडिया की प्रमुख भूमिका रही। उनके माध्यम से उन्माद फैलाने का प्रयास किया गया। शहर पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रही है और उन सोशल मीडिया अकाउंट की गहन जांच कर रही है जिनके अकाउंट्स से भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने का काम किया गया।

बुधवार को भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ चार मामले दर्ज किए गए। एक फेसबुक अकाउंट पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ अत्यंत अपमानजनक टिप्पणियां पोस्ट की गईं। इस फेसबुक अकाउंट की जांच करने पर पता चला कि इसे बांग्लादेश से नियंत्रित किया जा रहा था। इससे पुलिस भी हैरान रह गई। इसके बाद खुफिया एजेंसियां ​​भी सतर्क हो गई हैं और गहन जांच शुरू कर दी गई है। देर रात तक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चलती रही।

नागपुर में अवैध बांग्लादेशी का डेरा

देश के अन्य भागों सहीत नागपुर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रहते हैं। वे मध्य और उत्तर नागपुर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रहते हैं। ऐसे में पुलिस सतर्क हो गई है क्योंकि नागपुर में फैली हिंसा में बांग्लादेश का हाथ होने की आशंका है।