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Nagpur

NDCCB Scam: अदालत ने सजा का किया ऐलान, सुनील केदार को सुनाई पांच साल की सजा


नागपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुनील केदार (Sunil Kedar) को अदालत ने नागपुर जिला मध्यवर्ती बैंक घोटाला (Nagpur District Central Bank Scam) में दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 12 लाख 50,000 का आर्थिक दंड भी लगाया है। वहीं पांच अन्य दोषियों को भी पांच पांच साल की कैद सुनाई है। 

ये पूरा घोटाला 152 करोड़ का था और पिछले 20 साल से नागपुर की निचली अदालत (ACJM) कोर्ट में सुनवाई चल रहे थे। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने पूरे मामले में कुल 6 लोगो को सजा सुनाई गई है जिसमे जिसमे मुख्य आरोपी सुनील केदार, अशोक चौधरी, केतन सेठ, सुबोध गुंडारे, नंदकिशोर त्रिवेदी और अमोल वर्मा का नाम है ।

इस मामले में 1 आरोपी नंद किशोर त्रिवेदी का बीते दिनों मुंबई में सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे, जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही से वो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में शामिल हुए ।

क्या है मामला ?

साल 2002 में बैंक में 152 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला सामने आया था. तब सुनील केदार बैंक के चेयरमैन थे । वह इस मामले में मुख्य आरोपी भी थे। मुंबई, कोलकाता और अहमदाबाद की कुछ कंपनियों ने बैंक फंड से 125 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड खरीदे थे। इसके बाद इन कंपनियों ने सरकारी बांड का भुगतान नहीं किया और बैंक को पैसा भी नहीं लौटाया. राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के तत्कालीन उपाधीक्षक किशोर बेले इस घोटाले के जांच अधिकारी थे। जांच पूरी होने के बाद 22 नवंबर 2002 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। यह मामला तब से लंबित था।