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Nagpur

बच्चा खरीद-फरोख्त गिरोह पर एक बार फिर पुलिस की कार्रवाई, तीन लाख में बेचा था बच्चा


नागपुर: नवजात शिशुओं को बेचने वाली राजश्री सेन और उसकी गैंग की एक और बच्चा बेचने की करतूत सामने आई है। यह गिरोह समाज सेवा की आड़ में यह काम करता आ रहा है। इस गिरोह का भंडाफोड़ क्राइम ब्रांच ने किया था। अब गिरोह की सरगना राजश्री सेन और छह अन्य के खिलाफ गोंदिया में एक बच्चा बेचने को लेकर मामला दर्ज किया है। खुलासा हुआ कि गिरोह ने नवजात शिशु को गोंदिया के एक व्यापारी को 3 लाख में बेच दिया था। इस शिशु को इस गिरोह ने पुणे के एक गरीब दंपति से दत्तक लिया था।

अपराध शाखा के एएचटीयू अनुभाग की प्रमुख रेखा संकपाल को सूचना मिली कि शांतिनगर निवासी राजश्री सेन नवजात शिशुओं को राज्य के बाहर के व्यापारियों को बेचने का गिरोह चला रही है।

पुलिस राजश्री सेन की हर हरकत पर नजर रख रही थी। राजश्री ने बच्चे बेचने वाले गिरोह में पंकज कोल्हे (35), पिंकी उर्फ ​​सुजाता लेंडे (28), सचिन पाटिल, प्रिया सुरेंद्र पाटिल (35) और छाया मेश्राम को शामिल किया।

प्रिया पाटिल ने पुणे में 4 बच्चों वाले एक गरीब जोड़े से मुलाकात की और एक बच्चे को एक दोस्त द्वारा गोद लेने की व्यवस्था की। दिसंबर 2019 को प्रिय दंपति को नागपुर शहर लेकर आई। राजश्री सेन ने तुरंत गोंदिया के निःसंतान किराना व्यापारी से संपर्क किया और 5 से 7 लाख रुपए लगने की बात की।

राजश्री सेन ने गोद लेने का फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर व्यवसायी दंपत्ति को बच्चा सौंप दिया। इसके गिरोह ने पुलिस में शिकायत करने का डर दिखाकर तीन लाख रुपये निःसंतान दंपति से ऐंठ लिए।

पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, अपर पुलिस आयुक्त संजय पाटिल, उपायुक्त मुमक्का सुदर्शन के मार्गदर्शन में एएचटीयू की प्रमुख सहायक पुलिस निरीक्षक रेखा संकपाल, साधन बाकबक्कर, सुनील वाकाडे, नाना ढोके, दीपक बिंदाने, मनीष पराये, अश्विनी खोडपेवार, ऋषिकेश डुंबरे ने मामले की जांच कर यह पूरी कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।