logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर में बंद, खराब पुलिस चौकियों को मिलेगी नई ज़िंदगी! पुलिस प्रशासन का निर्णय ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

Rakesh Mishra Murder Case: आठ महीने से बन रहा था राकेश मिश्रा की हत्या का प्लान


नागपुर: अवैध धंधों की पुलिस से शिकायत करने वाले राकेश मिश्रा की हत्या की प्लानिंग आठ माह पहले ही बन गई थी। बार-बार संचालक दीपक वर्मा ने अपराधी गणेश दांडेकर को इसके लिए आठ माह पहले 2 लाख रुपये एडवांस भी दिए थे। राकेश मिश्रा भी इस खतरे से वाकिफ था। लिहाजा राकेश और उसके साथियों ने समय-समय पर एमआईडीसी पुलिस को सतर्क करके कार्रवाई करने के लिए भी कहा था।

लेकिन पुलिस द्वारा न तो इस पर कोई तवज्जो दी और न हो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। जिसके चलते ही अपराधी राकेश मिश्रा की हत्या करने में सफल हुए। इस मामले में अभी तक पुलिस ने 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिन्हें 28 अगस्त तक पुलिस कस्टडी रिमांड में भेज दिया गया है।

एमआईडीसी पुलिस थाने के राजीव नगर में 16 अगस्त की रात अपराधियों ने 32 वर्षीय राकेश मिश्रा के साथ ही उसके दोस्त रवि जायसवाल पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हालांकि इस हमले में राकेश मिश्रा की मौत हो गई थी। क्राइम ब्रांच यूनिट एक की टीम ने हत्या के इस मामले में शामिल 6 आरोपियों - गणेश दांडेकर राहुल उर्फ शीनू शिंदे, देवांस शर्मा, हसन खान, वेदांत मानकर और अमीर शाह को गिरफ्तार किया था। इसके पहले एमआईडीसी पुलिस ने दीपक वर्मा और अश्विन चौधरी को पकड़ा था। राकेश की हत्या में गणेश के साथ ही उसका भाई अर्जुन भी शामिल था। हालांकि गणेश अपने भाई के इस हत्या में शामिल होने से इंकार कर रहा है।

ऐसे बना प्लान  
इस हत्याकांड में दीपक वर्मा और उसके साथी की अहम भूमिका रही है। उन्होंने ही दांडेकर बंधुओं को राकेश मिश्रा की हत्या की सुपारी दी थी। हत्या के इस मामले की प्लानिंग 10 महीने पहले जमानत पर जेल से छूट कर आने के बाद गणेश ने शुरू कर दी थी। दीपक वर्मा ने गणेश को 5 लाख रुपये में हत्या करने को तैयार किया और इसके लिए एडवांस में 2 लाख रुपये भी दिए थे।

राकेश मिश्रा को एमआईडीसी थाना परिसर में अपराधी और अवैध धंधों की गहरी जानकारी थी और वह पुलिस मित्र के रूप में भी काम करता था। वह पुलिस से अपराधियों व उनके अवैध धंधों की शिकायत करता रहता था। दीपक वर्मा का राजीव नगर में बार बताया जा रहा है। उसे संदेह था की राकेश उसके अवैध धंधों की शिकायत पुलिस से करता है और इसी के चलते दीपक वर्मा ने सुपारी देकर राकेश मिश्रा को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।

दांडेकर बंधुओं से राकेश मिश्रा का पहले झगड़ा हुआ था और इसका फायदा दीपक वर्मा ने उठाया था। हालांकि अभी भी आरोपी बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं जिसके चलते कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें 28 अगस्त तक पुलिस कस्टडी रिमांड में भेजा गया है ,जहां इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने का काम अब पुलिस कर रही है। 

देखें वीडियो: