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Nagpur

रेजाज सिद्दीकी डार्क वेब में था सक्रिय, पूछताछ में नागपुर पुलिस के सामने किया कबूल; अदालत ने दो दिन बधाई कस्टडी


नागपुर: देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए गए कथित पत्रकार और एक्टिविस्ट रेजाज सिद्दीक की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक डिजिटल जांच में सामने आया है कि सिद्दीक डार्क वेब पर सक्रिय था और इसी मंच का उपयोग करते हुए वह कथित तौर पर भड़काऊ टिप्पणियां और देश विरोधी विचार साझा करता था। 2 दिन पहले ही एटीएस की टीम ने उससे पूछताछ की है ।

स्टेट एटीएस ने उससे जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों को अब साइबर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। इन उपकरणों में मौजूद डेटा की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि उसकी ऑनलाइन गतिविधियों का पूरा विवरण सामने लाया जा सके। रविवार को पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने पर सिद्दीक को अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसकी पुलिस रिमांड 2 दिन और बढ़ा दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी अब डार्क वेब पर सिद्दीक द्वारा की गई गतिविधियों की प्रकृति और उनकी पहुंच की गहराई से जांच कर रहे हैं।

डार्क वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है जिसे सामान्य सर्च इंजन जैसे गूगल द्वारा खोजा नहीं जा सकता और इसे विशेष सॉफ्टवेयर जैसे 'टोर' के माध्यम से ही एक्सेस किया जा सकता है। यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को पहचान छिपाने की सुविधा देता है, और इसी कारण यह अवैध गतिविधियों जैसे ड्रग तस्करी, हथियारों की खरीद-फरोख्त और डेटा चोरी जैसी घटनाओं से जुड़ा रहता है। पुलिस की पड़ताल अब इस ओर केंद्रित है कि सिद्दीक ने डार्क वेब के जरिए किन संगठनों या व्यक्तियों से संपर्क किया और उसकी गतिविधियों का मकसद क्या था। आने वाले दिनों में मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।