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Nagpur

शालार्थ ID घोटाला मामला, कालुसे और रोहणी का मिला 7 अगस्त तक पीसीआर, पुनर्विचार याचिका पर कोर्ट ने दिया फैसला


नागपुर: शिक्षा विभाग की शालार्थ प्रणाली का दुरुपयोग कर नकली ड्राफ्ट तैयार कर फर्जी शिक्षण व शिक्षकेतर कर्मचारियों को वेतन जारी कर शासन को लाखों रुपये की चपत लगाने वाले घोटाले में नागपुर साइबर पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

रविंद्र प्रज्ञानेश्वर पाटील, कनिष्ठ प्रशासन अधिकारी, विभागीय शिक्षण उपसंचालक कार्यालय, की शिकायत पर साइबर थाने  में यह मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच विशेष जांच दल  कर रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपी सिध्देश्वर श्रीराम काळुसे (50), निवासी पुडलीक नगर, चिखली, बुलढाणा, वर्तमान पता हिंदुस्थान कॉलनी, अमरावती रोड, नागपुर और रोहीणी विठोबा कुंभार (49), निवासी तांबरी विभाग, धाराशिव, वर्तमान पता वर्मा लेआउट, नागपुर को 30 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने पर मजिस्ट्रेट कोर्ट नं. 6 ने न्यायिक हिरासत में भेजा था।

हालांकि, SIT द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए इस आदेश के विरुद्ध जिला एवं सत्र न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई। आज 4 अगस्त 2025 को न्यायालय ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए दोनों आरोपियों को 7 अगस्त 2025 तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।

साइबर पुलिस इन दोनों आरोपियों को 5 अगस्त को मध्यवर्ती कारागृह से हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। इस मामले में अब तक कुल 17 आरोपी, जिनमें शिक्षण उपसंचालक, अधिकारी, लिपिक, शाला मुख्याध्यापक, संचालक और शिक्षक शामिल हैं, गिरफ्तार किए जा चुके हैं। SIT को पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुई हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।