logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

डॉक्टर को ब्लैकमेल कर डॉक्टर से करोड़ों रूपए ठगने वाला आरोपी पकड़ा गया,खुद को बताता था सोशल मीडिया एक्टिविस्ट,PMO के नाम से बना रखी थी फर्जी मेल आईडी


नागपुर- खुद को सोशल मीडिया विशेषज्ञ और पॉलिटिकल स्ट्रैटिजिस्ट के तौर पर पेश करने वाले शख़्स ने एक डॉक्टर को साढ़े चार करोड़ रूपए का चुना लगा दिया। इस मामले आरोपी 42 वर्षीय अजित गुणवंत पारसे नामक शख़्स इन दिनों सोशल मीडिया में ख़ासा एक्टिव्ह था और कई अखबारों में खुद को प्रेजेंट किये जाने संबंधी विज्ञापन भी दिया करता था.

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार उस पर शहर के नामी डॉक्टर को करीब साढ़े चार करोड़ रुपए से चूना लगाए जाने आरोप है.इस मामले में कोतवाली थाने में दर्ज प्रकरण के चलते पुलिस ने उसके स्वावलंबी नगर निवास स्थान पर छापा मारा। जहां तलाशी में  विविध पार्टी के नेताओं के लेटरपैड, सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों के स्टाम्प मिले हैं।
आरोपी अजित गुणवंत पारसे ने अपनी पहचान सोशल मीडिया विशेषज्ञ के रूप प्रस्तुत की है.आरोप है की उसने शहर के नामी डॉक्टर को घेर लिया था। उसने प्रधानमंत्री कॉर्पोरेट रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत निधि उपलब्ध कराने का डॉक्टर को झांसा देकर उससे डेढ़ करोड़ रुपए वसूल किए। कुछ दिनों बाद अजीत को पता चला कि डॉक्टर के मित्र ने कर्ज लिया है। उसमें डॉक्टर गारंटर है। इसके बाद उसने सीबीआई के नाम से फर्जी वारंट डॉक्टर को भेजा। घबराए हुए डॉक्टर ने यह बात अजित को बताई तो उसने केस सेटलमेंट के नाम पर डॉक्टर से और डेढ़ करोड़ रुपए वसूले और रकम मिलने के बाद वारंट रद्द होने का पत्र भेज दिया। इतना ही नहीं आरोपी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के नाम से फर्जी ईमेल और सीबीआई का फर्जी वॉरेंट भी बनाया था. 

डॉक्टर से अजित के पारिवारिक संबंध होने के कारण उसे डॉक्टर उसके झांसे में आ गए. एक समारोह में अजित को पता चला जिस डॉक्टर को उसने ठगी का शिकार बनाने की प्लानिंग की है उन्होंने और पत्नी ने बच्चा गोद लिया है। इसको लेकर भी अजित ने डॉक्टर और उसकी पत्नी को पत्र भेजे और गंभीर आरोप लगाए। इस मामले के निपटारे के लिए भी डॉक्टर से डेढ़ करोड़ रुपए लिए जाने का पता चला है। अतीत द्वारा की गयी धोखाधड़ी का पता चलने पर डॉक्टर ने कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज कराया। पुलिस को जाँच में एक और डॉक्टर से इसी तरह की वसूली किए जाने का पता चला है। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए अजित के घर में छापा मारा। तलाशी के दौरान विविध पार्टी के नेताओं के लेटरपैड और स्टाम्प पुलिस के हाथ लगे है। उसके घर से सदर थाने का भी स्टॉम्प भी मिला है। आने वाले समय में इस प्रकरण में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है। पारसे ने द्वारा शहर के कई डॉक्टरों और अधिकारियों को अपने झांसे में लिया है ऐसी जानकारी निकल कर सामने आयी है.