logo_banner
Breaking
  • ⁕ विजय वडेट्टीवार का कौशल्य विकास योजना में 400 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप, चंद्रशेखर बावनकुले ने दिया उत्तर ⁕
  • ⁕ श्रीकृष्ण पाहुरकर के गंभीर आरोप, हर्षवर्धन देशमुख को पद से हटाने की मांग, कर्मचारियों पर प्रचार का दबाव बनाने का आरोप ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Nagpur: सामान वेतन सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर न्यायिक कर्मचारी संघ का प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Yavatmal

Yavatmal: यवतमाल में पकड़ा गया झारखंड में सक्रीय नक्सली दलम कमांडर तुलसी उर्फ ​​दिलीप महतो, डेढ़ महीने की ट्रैकिंग के बाद आया हाथ


यवतमाल: यवतमाल पुलिस ने झारखंड के नक्सली दलम कमांडर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई स्थानीय अपराध शाखा पुलिस टीम ने डेढ़ महीने की ट्रैकिंग के बाद यहां लकड़गंज इलाके में की। 

टीप्पागढ़ गढ़चिरोली जिले में एक छोटा सा किला है। यह सावरगांव और देसाईगंज (वडसा) से 100 किलोमीटर की दूरी पर घने जंगल में स्थित है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के नारायणपुर जिले की सघन वन सीमा भी लगी हुई है। इन दोनों इलाकों में नक्सली आंदोलन सक्रिय है। यहीं पर आंदोलन में शामिल होने वाले नए नक्सलियों का प्रशिक्षण भी होता है।

तुलसी उर्फ ​​दिलीप महतो छत्तीसगढ़ राज्य में सक्रिय था। इस नक्सली दलम कमांडर ने अपने साथियों को धोखा दिया और नक्सली खजाने को लूटा। फिर, जैसे ही यह बात सामने आई, सहकर्मी उसका 'गेम' करने के लिए तैयार हो गए। जैसे ही इस नक्सली कमांडर को इस बात का अंदेशा हुआ तो वह वहां से भाग गया। फरार होकर वह ‘रेस्ट जोन’ के नाम से जाना जाने वाले वणी में आश्रय न लेते हुए यवतमाल में आकर छुप गया। 

पुलिस को इस बात की शिकायत मिलने पर यह मामला सामने आया। इसके बाद जांच को तकनीकी मामले पर केंद्रित किया गया और डेढ़ महीने की ट्रैकिंग के बाद लकड़गंज इलाके में रानी सती मंदिर के इलाके में जांच की गई और इस नक्सली को पकड़ लिया गया।