logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

नागपुर में दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज भी बरामद, पुलिस और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई


नागपुर: नागपुर में अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी फर्जी भारतीय दस्तावेजों के जरिए देश में रह रहे थे और भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर बांग्लादेश की यात्रा भी कर चुके थे। इस गिरफ्तारी के बाद बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

खुफिया जानकारी के आधार पर नागपुर पुलिस और एटीएस की टीम ने इंदिरा माता नगर, कांजी हाउस इलाके में छापा मारा। यहां से अब्दुल रफिक अब्दुल हमीद खान और उसके छोटे भाई मोहम्मद सलीम को हिरासत में लिया गया। पुलिस जांच में पता चला कि उनके माता-पिता और बहन बांग्लादेश में रहते हैं, जबकि ये दोनों भाई नागपुर में अवैध रूप से रह रहे थे।

सूत्रों की मानें तो कई साल पहले इनके माता-पिता बांग्लादेश से भारत आए थे और नागपुर में बस गए थे। लेकिन 2007-08 में जब पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, तो वे डर के चलते बांग्लादेश लौट गए। हालांकि, दोनों भाई यहीं रुके रहे और नागपुर में ही शादी भी कर ली।

साल 2010 में तहसील पुलिस ने संदेह के आधार पर सलीम को हिरासत में लिया था, लेकिन पर्याप्त सबूत न होने के कारण उसे छोड़ दिया गया था। अब दोबारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस को शक है कि इनके संपर्क में और भी अवैध बांग्लादेशी नागरिक हो सकते हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।