Yavatmal: दारव्हा तहसील में फायनान्स के संचालक पर 40 लाख की धोखाधड़ी का मामला दर्ज, आरोपी फरार
यवतमाल: किसानों को कम ब्याज दर पर कर्ज दिलाने का झांसा देकर जय किसान माइक्रो फायनान्स के संचालक ने 160 किसानों से करीब 40 लाख रुपये की ठगी की और फरार हो गया।
लोन प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी और डाउन पेमेंट के नाम पर पैसे वसूले गए, लेकिन जब किसानों ने कर्ज की मांग की तो संचालक रातों-रात कार्यालय बंद कर भाग गया।पुलिस के अनुसार, प्रशांत रामचंद्र खरे (निवासी पाटोदा, जिला बुलढाणा) ने साल 2024 में दारव्हा के गजानन नगर में "जय किसान माइक्रो फायनान्स" के नाम से कार्यालय शुरू किया।
उसने किसानों को यह कहकर लुभाया कि वे आसान और कम ब्याज पर कर्ज प्राप्त कर सकते हैं। इस भरोसे पर किसानों ने लोन प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी और डाउन पेमेंट के रूप में हजारों रुपये जमा किए।फरवरी खत्म होते ही, जब किसानों ने कर्ज के बारे में पूछताछ शुरू की, तो प्रशांत खरे अचानक फरार हो गया।
उसने किसानों द्वारा जमा किए गए दस्तावेज और 39,40,330 रुपये लेकर भागने की योजना पहले से बना रखी थी।जब किसानों को धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने दारव्हा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। गणेश बंडू जाधव (उचेगांव, दारव्हा) की शिकायत पर पुलिस ने प्रशांत खरे और प्रवीन उके (दारव्हा) के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक शिवशंकर कायंदे और उनकी टीम मामले की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
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