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Yavatmal: शराबी पति के अत्याचार से त्रस्त हुई पत्नी, गूगल पर सर्च कर दिया हत्या को अंजाम, छात्रों की मदद से शव को लगाया ठिकाने


यवतमाल: पांच दिन पहले, चौसला पहाड़ी के पास एक आंशिक रूप से जला हुआ शव मिला था। इस बात को लेकर अनिश्चितता थी कि यह शव किसका था। पुलिस के लिए पहचान स्थापित करना बहुत कठिन था। फिर भी स्थानीय अपराध शाखा पुलिस टीम तह तक पहुंच गई और इस आगजनी हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस जांच में पता चला है कि इस बहुचर्चित हत्याकांड के पीछे पत्नी ही मुख्य साजिशकर्ता है और यह भी पता चला है कि पूरा हत्याकांड अनैतिक संबंध के चलते हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हत्या को उन छात्रों द्वारा 'उपयोग' करके ठंडे दिमाग से अंजाम दिया गया था, जो कानूनी परेशानी में थे और कोचिंग क्लास में जाते थे।

मृतक पति का नाम सुयोगनगर, लोहारा निवासी शांतनु देशमुख (32) है। इस मामले में पुलिस ने पहले उसकी पत्नी निधि (23) को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बाद में गहन पूछताछ के दौरान उसने पुलिस के सामने इस बेहद निर्मम हत्या का सच उगल दिया। 15 मई को यवतमाल से किटकपारा मार्ग पर चौसाला फार्म में एक चरवाहे को एक जला हुआ पुरुष शव मिला। इसके बाद यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और घटना की जानकारी लोहारा पुलिस तक पहुंच गई।

घटना की गंभीरता को समझते हुए पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता के मार्गदर्शन में लोहारा पुलिस और स्थानीय अपराध शाखा की टीम मौके पर पहुंची। शव जला हुआ होने से उसकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। लेकिन स्थानीय अपराध शाखा में कार्यरत सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष मनवार ने 'खबरी' नेटवर्क और जांच प्रक्रिया के जरिए महज पांच दिनों में इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में 'गुमशुदगी' को आधार बनाया। हालाँकि, इस संबंध में न केवल जिले में बल्कि अन्यत्र भी कोई समर्थन नहीं मिला। जांच प्रक्रिया के पहले चरण में पुलिस ने मृतक शांतनु देशमुख की पत्नी आरोपी निधि को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

'हैदराबाद कस्टडी' में उनसे गहन पूछताछ की गई। लेकिन पुलिस को जांच का सही सूत्र ढूंढने में चार दिन लग गए। हालांकि, इसके बाद इस बहुचर्चित हत्या की कहानी सामने आ गई। पुलिस जांच में पता चला है कि पत्नी ने खुद ही ठंडे दिमाग से गूगल पर अपने अनैतिक संबंध और शराब की लत के चलते छात्रों के सामने लगातार होने वाली मारपीट के बारे में सर्च कर इस हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने इस हत्या मामले में मृतक शांतनु देशमुख की पत्नी निधि को आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बहुचर्चित हत्याकांड में आरोपी निधि देशमुख के साथ पढ़ने वाले तीन 15 वर्षीय छात्रों ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाया।

13 मई की मध्य रात्रि को जहर दिए जाने से शांतनु की मृत्यु हो गई। इसके बाद कानूनी लड़ाई लड़ रहे छात्रों ने शव को दोपहिया वाहन पर रखकर चौसाला के पास फेंक दिया। हालांकि, अगले ही दिन आरोपी की पत्नी निधि ने हत्या की बात फैलने से रोकने के लिए तीनों छात्रों को वापस उस स्थान पर भेज दिया। उन्होंने मृत शांतनु के शरीर पर पेट्रोल डालकर उसे जला कर सबूत नष्ट करने का असफल प्रयास किया। 

पुलिस जांच और बयानों से पता चला है कि हत्यारे की पत्नी ने इस हत्या को अंजाम देने के लिए गूगल सहित इंटरनेट का इस्तेमाल किया था। मृतक की पहचान समेत इस हत्या के पीछे की सच्चाई को उजागर करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन इस जटिल मामले में सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष मनवर ने 'खबरी' नेटवर्क बहुत बड़ा रोल निभाया।