Gadchiroli: 210 करोड़ का पुल उद्घाटन से पहले ही टूटा; भ्रष्टाचार की खुली पोल, गुवत्ता पर उठाने लगे सवाल
गडचिरोली: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से विकास के दावों की धज्जियाँ उड़ाने वाली एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। चंद्रपुर-गढ़चिरौली नेशनल हाईवे पर वैनगंगा नदी पर करोड़ों की लागत से बना नया पुल, आम जनता के लिए पूरी तरह खुलने से पहले ही भरभरा कर टूट गया है। पुल के बीचों-बीच पड़ा एक बड़ा और गहरा गड्ढा न केवल घटिया निर्माण कार्य (ढेर काम) का सबूत है, बल्कि यह यहाँ से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों के लिए एक जानलेवा जाल बन गया है।
उद्घाटन का इंतज़ार, लेकिन पुल पहले ही हुआ 'खंडहर'
केंद्र और राज्य सरकारें गढ़चिरौली जैसे आदिवासी बहुल जिले को मुख्यधारा से जोड़ने और उसे 'एडवांस्ड' जिलों की श्रेणी में लाने के लिए नेशनल हाईवे का जाल बिछा रही हैं। लेकिन, वैनगंगा नदी पर बने इस पुल की हालत ने साफ कर दिया है कि विकास की इस दौड़ में निर्माण की 'क्वालिटी' को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया गया है।
हैरानी की बात यह है कि कुछ महीने पहले ही बनकर तैयार हुए इस पुल का अभी आधिकारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ है। फीता कटने और नेताओं के भाषण से पहले ही पुल में पड़ा यह गहरा गड्ढा कॉन्ट्रैक्टर (ठेकेदार) और संबंधित विभाग के इंजीनियरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
क्या भ्रष्टाचार के 'हॉटस्पॉट' बन गए हैं यहाँ के नेशनल हाईवे?
यह कोई पहली घटना नहीं है। गढ़चिरौली जिले में पिछले कुछ वर्षों में हुए ज़्यादातर नेशनल हाईवे के निर्माण कार्यों की क्वालिटी बहुत खराब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायतों के बावजूद, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ा है। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन शिकायतों पर ध्यान देने के बजाय, संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को 'प्रोटेक्शन' (संरक्षण) देने की नीति अपना रहा है। प्रशासन के इसी रवैये के कारण भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं।
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