logo_banner
Breaking
  • ⁕ पुरानी रंजिश में हुआ खूनी झड़प, यशोदरा नगर में दो ट्रांसपोर्टरों पर जानलेवा हमला; CCTV फुटेज आया सामने ⁕
  • ⁕ Nagpur: बाइक के अगले हिस्से से निकला जहरीला कोबरा, दो युवकों ने समय रहते बाइक रोककर टाला बड़ा हादसा ⁕
  • ⁕ नागपुर मनपा में महिला राज; नीता ठाकरे महापौर, लिला हाथीबेड उपमहापौर निर्वाचित; लगे जय श्री राम और जय संविधान के नारे ⁕
  • ⁕ Nagpur: सेंट्रल जेल से दो कैदी फरार, पुलिस कर्मी पर किया जानलेवा हमला, दोनों हुए गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर महानगरपालिका महापौर, उपमहापौर चुनाव: कांग्रेस और बीजेपी में अंदरूनी कलह आई नजर, कई नामांकन पत्र दाखिल ⁕
  • ⁕ Gadchiroli: माओवादी विरोधी अभियान में तीन माओवादी ढेर, एक जवान वीरगति को प्राप्त ⁕
  • ⁕ मनपा के अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक; मनपा के बाहर किया जोरदार आंदोलन, एक तरफा कार्रवाई का लगाया आरोप ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Gondia

Gondia: खरीफ की फसल से हुए नुकसान से किसान संकट में, रबी मौसम से उम्मीद


गोंदिया: खेतों में खून-पसीना बहाने और हाड़तोड़ मेहनत करने वाले किसानों को बीते कुछ वर्षों से एक के बाद एक संकट का सामना करना पड़ रहा है. मौसम का मिजाज बदलने से फसलों का नुकसान हो रहा है. इस वर्ष खरीफ की फसलों की कटाई के समय बेमौसम बारिश ने दस्तक देने से फसलों का भारी नुकसान हुआ था. उसके पहले अतिवृष्टि से किसानों को बेजार कर दिया था. इस संकट से जैसे तैसे बाहर निकलकर किसानों ने रबी  सफलों बुआई शुरू की है. संकट में फंसे किसानों को रबी मौसम से काफी उम्मीदें हैं. वर्षभर खेत में मेहनत करने के बाद किसान फसल उत्पादन लेता है. 

फसल की बिक्री के बाद अपने वर्षभर का नियोजन करता है. परिवार की आजीविका व कर्ज का भुगतान करता है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से प्राकृतिक व सुलतानी संकटों से किसान पूर्णतः टूट चुका है. इस बार अतिवृष्टि से खरीफ की धान फसल को काफी नुकसान हुआ था. धान के साथ ही सब्जीभाती व अन्य  फसलों का भी नुकसान हुआ. अब रबी से किसान को उम्मीद है. इस स्थिति में किसान सरकार से सहायता काफी आस लगाए बैठा है. 

पहले प्रकृति के मौसम समय पर अपनी जिम्मेदारी निभाते थे लेकिन गत कुछ वर्षो से निसर्गचक्र बदल सा गया है. गर्मी, ठंड व बारिश के मौसम में बदलाव देखने मिल रहा है इसका असर खेती पर भी दिखाई दे रहा है. ऐसी स्थिति में मौसम विभाग का  अनुमान भी अनेक बार गलत साबित हो जाता है. ऋतुचक्र बदलने से खेती व्यवसाय भी बड़े पैमाने पर  प्रभावित हो गया है. फसलों पर तरह-तरह की बीमारियों को प्रकोढ बढ़ गया है. इससे किसानों की दिक्कतें बढ़ती जा रही है और किसान संकट में घिर गया है. 

महंगा से बेहाल  

पहले की तुलना में बीज, खाद व कीटकनाशक की कीमतें बढ़ गई है. इन सब के बाद किसानों के नसीब में निराशा ही आती है. इससे जिले का किसान पूरी तरह से निराश हो गया है. प्राकृतिक आपदा के बाद सरकार बड़ी-बड़ी घोषणा करती है. इसके बाद किसानों को नियम व शर्तों के आधार पर अल्प राहत प्रदान करते है. इससे उनका लागत खर्च भी नहीं निकलता.
किसान इसमें से कर्ज चुकाएं, परिवार का पालन पोषण करेगा या फिर आगामी मौसम की तैयारियां करेगा. यह   प्रश्न उसके सामने निर्माण  हो जाते हैं.