logo_banner
Breaking
  • ⁕ क्या जल्द देश में बढ़ेंगे ईंधन के दाम? पीएम नरेंद्र मोदी की अपील- 'पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करें, राष्ट्रहित में जिम्मेदारी निभाना ही असली देशभक्ति' ⁕
  • ⁕ रामदासपेठ में हाई वोल्टेज ड्रामा: शराब के नशे में बिल्डिंग में चढ़ा युवक, खिड़की के सज्जे में गया फंसा; UCN न्यूज़ की तत्परता से बची जान ⁕
  • ⁕ कामठी में क्राइम ब्रांच का बड़ा छापा; करीब 2 लाख की विदेशी सिगरेट जब्त, दुकानदार पर मामला दर्ज ⁕
  • ⁕ गोंदिया में तेंदुपत्ता चुनने गई महिला पर बाघ का हमला, 65 वर्षीय वृद्धा की मौत ⁕
  • ⁕ वारकरी संप्रदाय विवाद: विकास लवांडे पर फेंकी गई स्याही, अमोल मिटकरी ने बताया 'वारकरी संस्कृति का अपमान' ⁕
  • ⁕ Buldhana: शादी से लौट रही बारातियों की मिनी बस पलटी, डेढ़ साल के मासूम समेत 10 घायल ⁕
  • ⁕ राज्य में बिना लाइसेंस कृषि व्यापार करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई; विपणन मंत्री जयकुमार रावल की चेतावनी ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Gondia

Gondia: धान की फसल पर कीट और बेमौसम वर्षा का दोहरी मार, किसान ने तत्काल पंचनामा एवं त्वरित आर्थिक सहायता की मांग की


गोंदिया: महाराष्ट्र के जिले में कुदरत ने एक बार फिर किसानों पर कहर बरपाया है। कीटों के हमले और बेमौसम बारिश के दोहरे संकट ने धान की तैयार फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। सड़क अर्जुनी तालुका के चिखली गाँव में किसान इंसाराम मडावी की एक एकड़ की फसल सड़ गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। दिवाली से ठीक पहले फसल बर्बाद होने से किसानों के घरों में जहाँ ख़ुशी की जगह निराशा छाई है, वहीं किसानों ने अधिकारियों के निरीक्षण न करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सरकार से तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की है।

जिले में कीटों के प्रकोप और बेमौसम वर्षा के कारण धान की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। सड़क अर्जुनी तालुका के चिखली गाँव में किसान इंसाराम मडावी की लगभग एक एकड़ धान की कटी हुई फसल जलभराव के कारण नष्ट होकर सड़ गई है। कीटों और बारिश के दोहरे संकट ने फसल को पूर्णतः बर्बाद कर दिया है, जिससे एक भी दाना प्राप्त नहीं हो सका।

किसान ने निराशा जताते हुए कहा कि, व्यापक नुकसान के बावजूद राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने अभी तक निरीक्षण (पंचनामा) नहीं किया है। दिवाली से पूर्व हुई इस क्षति पर निराशा व्यक्त करते हुए, किसान ने सरकार से अविलंब पंचनामा कराकर त्वरित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। किसान मडावी ने जनप्रतिनिधियों के संकट के समय अनुपस्थित रहने पर नाराजगी भी व्यक्त की है।