logo_banner
Breaking
  • ⁕ सूखा प्रभावित क्षेत्र का राजस्व मंत्री बावनकुले ने लिया जायजा, कहा - किसानों की मदद में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी ⁕
  • ⁕ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का आंदोलन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जलाया कुमार का पुतला ⁕
  • ⁕ वडेट्टीवार के करीबी निखिल सुरमवार के घर भाजपा विधायक की ‘गुफ्तगू’; सावली में कांग्रेस के सियासी साम्राज्य पर मंडरा रहा खतरा? ⁕
  • ⁕ नागपुर जिले के 13 सहित विदर्भ के 95 तहसीलों में अकाल घोषित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जारी किया जीआर ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र का 75 प्रतिशत क्षेत्र अकाल घोषित, महायुति सरकार ने जीआर किया जारी; कर्जवसूली रोक , परीक्षा फीस माफ़ सहित लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Gondia

Gondia: जिले में खरीदी केंद्र शुरू, फिर भी समस्या कायम


गोंदिया: जिला मार्केटिंग फेडरेशन अंतर्गत 17 नवंबर से जिले में 114 शासकीय आधारभुत धान खरीदी केंद्र शुरू हो गए है. इसके बावजूद किसानों के समक्ष अब भी समस्या कायम है. जिससे किसानों को स्वयं की जेब ढिली कर बारदाने की खरीदी करनी पड़ रही है. दस से पंधरा किमी. की दूरी तय कर केंद्र के गोदाम तक जाना पड़ रहा है. वहां पहुंचने के बाद प्रति बोरा 30 रु. हमाली देनी पड़ रही है. जिससे किसानों में भारी असंतोष है. जिले के किसानों ने इस बार खरीफ मौसम में हल्के व भारी धान की बुआई की. 

इस धान की कटाई व मलनी कुछ दिनों पूर्व हो गई. लेकिन शासकीय आधारभुत धान खरीदी केंद्र शुरू ही नहीं हुए थे. जिससे आर्थिक दृष्टि से कमजोर अल्प भू धारक किसानों ने कवडी मोल भाव में निजी व्यापारियों को धान की बिक्री करनी पड़ी है. इस बीच किसानों की होने वाली आर्थिक लूट को ध्यान में रखकर राजनैतिक पार्टियों व विभिन्न संगठनों ने इस मुद्दे को उठाया. जिससे कुछ दिनों के पूर्व ही धान खरीदी केंद्रों को मंजूरी दी गई. जबकि प्रत्यक्ष में 17 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया शुरु हुई. 

जिले के किसानों को दिक्कत न हो इसके लिए 114 शासकीय आधारभुत धान खरीदी केंद्र शुरू किए गए है ऐसी जानकारी जिला मार्केटिंग फेडरेशन के अधिकारी ने दी है. इतना ही नहीं उन्होंने हर एक केंद्र पर बारदाना उपलब्ध करा देने की बात कही है. जबकि अधिकांश केंद्रों पर अब तक बारदाना नहीं पहुंचा है. जिससे किसानों को स्वयं खर्च से बारदाना खरीद कर केंद्रों के गोदाम तक धान ले जाना पड़ रहा है. 

उल्लेखनीय है कि धान केंद्र में या गोदाम में पहुंचने के बाद किसानों का बारदाना उन्हें वापस करना है लेकिन केंद्र संचालक बारदाना वापस नहीं लौटाने की पूर्व से शिकायत है. इतना ही नहीं प्रति बोरा 30 रु. हमाली देनी पड़ रही है. शासकीय आधारभुत धान खरीदी केंद्र 5 किमी. की दूरी पर गोदाम होना अनिवार्य है जबकि अधिकांश गोदाम 10 से 15 किमी. की दूरी पर है. इतनी दूरी पर धान ले जाने के लिए किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. 

आदिवासी विकास महामंडल के खरीदी केंद्र शुरू 

जिले में खरीफ मौसम 2022-23 के लिए मिनीमम आधारभुत कीमत खरीदी योजना अंतर्गत किसानों के धान (ज्वारी, बाजरा मका व रागी) गारंटी भाव पर खरीदी करने के लिए महाराष्ट्र राज्य सहकारी आदिवासी विकास महामंडल के माध्यम से जिले में आदिवासी उपयोजन क्षेत्र देवरी, सालेकसा, सड़क अर्जुनी, अर्जुनी मोरगांव में धान खरीदी केंद्र शुरू किए गए है. इन खरीदी केंद्रों पर धान बिक्री करने का आव्हान महाराष्ट्र राज्य सहकारी आदिवासी विकास महामंडल के प्रादेशिक कार्यालय भंडारा द्वारा किया गया हे. इस संबंध में जिला मार्केटिंग फेडरेशन के अधिकारी मनोज बाजपेई ने बताया कि किसान धान स्वयं के बारदाने से केंद्र तक लाए. केंद्र में धान गिनती के बाद बारदाना वापस ले. इसमें प्रति बोरा 30 रु. हमाली लेने की कोई शिकायत नहीं है.