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Gondia

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य, सीमावर्ती गोंदिया में ऑटो चालकों ने मांगी हिंदी में बात करने की छूट


गोंदिया: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने के बाद अब सीमावर्ती गोंदिया जिले में इसे लेकर अलग मांग सामने आई है। गोंदिया के ऑटो चालक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि यात्रियों से हिंदी में बातचीत करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाए। ऑटो चालकों का कहना है कि गोंदिया की सीमा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से लगती है, जिसके चलते यहां बड़ी संख्या में हिंदी भाषी यात्री आते हैं। ऐसे में यात्रियों से संवाद के लिए हिंदी का इस्तेमाल करना उनकी जरूरत है।

राज्य सरकार की ओर से ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक का समय दिया गया था। इसके बाद 17 अगस्त से नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई शुरू होने की बात कही गई है। इसी बीच गोंदिया जिले के ऑटो चालकों ने प्रशासन से हिंदी में बातचीत करने पर कार्रवाई नहीं करने की मांग की है।

ऑटो चालकों का कहना है कि “हम मराठी बोलते हैं, लेकिन कई यात्रियों को मराठी समझ नहीं आती। इसलिए यात्रियों से संवाद करने के लिए हमें हिंदी में बात करनी पड़ती है।” उनका कहना है कि गोंदिया सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से आने वाले यात्रियों की संख्या काफी है। ऐसे में केवल मराठी में बातचीत की अनिवार्यता से चालक और यात्रियों के बीच संवाद में परेशानी हो सकती है।

ऑटो चालक संगठनों ने मांग की है कि यात्रियों के साथ हिंदी में संवाद करने पर प्रशासन की ओर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उनका कहना है कि मराठी का सम्मान और उपयोग जरूरी है, लेकिन सीमावर्ती जिले की स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

वहीं, इस मांग को लेकर राज्य मंत्री और गोंदिया जिले के पालकमंत्री इंद्रनील नाईक ने भी अपनी भूमिका स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि गोंदिया पहले मध्य प्रदेश का हिस्सा रहा है, इसलिए यहां की परिस्थितियां अन्य जिलों से कुछ अलग हैं। इस मुद्दे पर सकारात्मक चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

पालकमंत्री ने कहा कि मुंबई जाकर इस विषय पर चर्चा की जाएगी और इसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार मराठी भाषा के नियमों और सीमावर्ती गोंदिया जिले की व्यावहारिक कठिनाइयों के बीच किस तरह का रास्ता निकालती है।