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कांग्रेस के अंदर नाना को लेकर नहीं थम रहा रार, गोंदिया जिला कार्यकारी अध्यक्ष ने आरोप लगाते दिया इस्तीफा


गोंदिया: नाना पटोले को लेकर कांग्रेस पार्टी एक अंदर शुरू रार थमते नहीं दिख रहा है। नासिक स्नातक चुनाव को लेकर पिछले दिनों पार्टी के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट ने आलाकमान को चिट्टी लिखकर पटोले के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। हालांकि, आलाकमान के दखल के बाद यह मामला शांत होता दिखा रहा था। इसी बीच पटोले को घर में ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। गोंदिया कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रत्नदीप दहिवले ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस दौरान दहिवले ने नाना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनपर कई गंभीर आरोप लगाए। 

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी एचके पाटिल को भेजे पत्र में दहिवले ने कहा, पटोले के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से कांग्रेस संगठन में असमानता पैदा हो गई है. जिले में प्रशासन की मनमानी के चलते बिना किसी का पक्ष लिए किसी दूसरे दल के व्यक्ति को मुख्य पद पर नियुक्त करने से गुटबाजी पैदा हो गई है।

संगठन में कार्यरत कार्यकर्ताओं के साथ जानबूझकर अपमानजनक व्यवहार करने से कांग्रेस पार्टी गोंदिया-भंडारा जिले में रसातल में चली गई है। दोनों जिलों में कांग्रेस की स्थिति से कई बार पार्टी नेताओं को अवगत कराने के बाद भी पार्टी संगठन बिना किसी बदलाव के हवा में छोड़ दिया गया। 

जब तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष थोराट ने कार्यकारी अध्यक्ष पद के लिए मेरा प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा तो पटोले ने इसका विरोध किया। उसके बाद भी थोराट ने मंजूरी दे दी। जहां पार्टी संगठन के लिए मेरा काम जोरशोर से चल रहा था, वहीं मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष ने हमेशा इसका विरोध किया। इसलिए अंत में जिला कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूँ।

एक ओर जहां रायपुर में पार्टी का अधिवेशन शुरू है, वहीं दूसरी तरफ नाना के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोलते हुए इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। वहीं दहिवले के इस्तीफे के बाद एक नई चर्चा शुरू हो गई है।