logo_banner
Breaking
  • ⁕ 2013 यौन उत्पीड़न मामला: तरुण तेजपाल दोषी करार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर महापालिका में बदलते सियासी समीकरण, मुनगंटीवार समर्थक महापौर को वडेट्टीवार खेमे का सहारा ⁕
  • ⁕ 7 करोड़ 68 लाख की ठगी का पर्दाफाश, महिलाओं को कर्ज का झांसा देकर करोड़ों का खेल; मास्टरमाइंड मंदा गुमगावकर गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ एलोपैथी अभ्यास की अनुमति के खिलाफ डॉक्टरों का आंदोलन, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रही है सरकार ⁕
  • ⁕ यातायात पुलिस का 'गांधीगिरी' पैटर्न! अकोला में हेलमेट पहनने वालों का गुलाब देकर स्वागत, तो नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई ⁕
  • ⁕ नागपुर में SIR अभियान से हड़कंप, मतदाता सूची से हटने जा रहे करीब 6 लाख नाम! ⁕
  • ⁕ रामटेक में हिट एंड रन, तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर; नवविवाहित युवक की मौत, दूसरा गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Gondia

Gondia: जिले में सिकल सेल के 1508 मरीज, हर माह 15 लोगों को होती है खून की जरूरत


गोंदिया: वर्तमान में गोंदिया जिले में 1508 सिकल सेल रोगियों का इलाज किया जा रहा है और हर महीने 15 लोगों को रक्त की आवश्यकता होती है। जिला सर्जन डॉ अमरीश मोहबे ने इस बात की जानकारी दी है।

साल 2010 से, सिकल सेल रोग के लिए 15,500 लोगों की जांच की गई है। इसमें 15500 कैरियर और 1508 सिकल सेल मरीज मिले। इन सभी मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुफ्त दवा और रक्त आपूर्ति के साथ-साथ परामर्श भी दिया जा रहा है। इस रोग के मूल लक्षण रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होना, हाथ-पैरों में सूजन, भूख न लगना, जोड़ों में दर्द, असहनीय दर्द, जल्दी थकान होना, चेहरे का फीका दिखना है।

जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सिकल सेल रोग जांच और मार्गदर्शन शिविर की योजना बनाई गई है। जिला सर्जन डॉ. अंबरीश मोहबे और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नितिन वानखेड़े, सिकल सेल विशेषज्ञ अधिकारी डॉ. सुवर्णा हुबेकर ने सलाह दी है कि जितना संभव हो उतने लोगों को निकटतम उप-केंद्रीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण अस्पताल में अपने सिकल सेल रक्त परीक्षण के लिए जाना चाहिए। 

सिकल सेल रोग आनुवंशिक है और माता-पिता से बच्चों में फैलता है। इसलिए सिकल सेल के मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसकी जानकारी डॉ. अमरीश मोहबे ने दी है। मोहबे ने कहा कि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन बीमारी की गंभीरता को नियंत्रित किया जा सकता है। सिकल सेल रोगियों को विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा नियमित जांच और रक्त परीक्षण की आवश्यकता होती है। फोलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन, सोडियम की गोलियों का सेवन जरूरी है। प्रतिदिन 8 से 20 गिलास खूब पानी पियें।

पानी पीना, दर्दनिवारक दवाएं लेना, नियमित जांच और परामर्श लेना, जरूरत पड़ने पर रक्त चढ़ाना, संतुलित आहार लेना, आहार में विविधता बनाए रखना। दिन में तीन बार भोजन, मछली, अंडे, संतरे, हरी पत्तेदार सब्जियां, टूटी हुई दालें, मसूर की दाल, जिंक युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से इस रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।