महाराष्ट्र का 75 प्रतिशत क्षेत्र अकाल घोषित, महायुति सरकार ने जीआर किया जारी; कर्जवसूली रोक , परीक्षा फीस माफ़ सहित लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय
मुंबई/नागपुर: सूखे और कम बारिश से मुश्किल में फंसे किसानों को देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने शनिवार को जीआर जारी करते हुए राज्य के 358 तहसीलों में से 265 तहसीलों को अकाल घोषित कर दिया है। कृषि आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर राजस्व एवं राहत-पुनर्वास विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश जारी किया है। अधिसूचना के जारी होते ही राज्य के 75 प्रतिशत हिस्से अकाल घोषित हो गया और सभी तहसीलों में ट्रिगर एक लागू हो गया है।
सरकार ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों के लिए कई राहत और रियायतों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस साल सूखे की स्थिति बेहद गंभीर है। खेतों में फसलें सूखने के कारण किसानों के हाथ में कुछ नहीं बचा है और ऐसी मुश्किल घड़ी में सरकार किसानों को अकेला नहीं छोड़ेगी।
विदर्भ के 95 तहसील अकाल घोषित
राज्य सरकार ने विदर्भ के 11 जिलों के 95 तहसीलों को सूखा यानी अकाल तहसील माना है। जारी सूची के अनुसार, सरकार ने
नागपूर विभाग:-
कामठी, सावनेर, पारशिवनी, मौदा, भिवापूर, कळमेश्वर, काटोल, रामटेक, हिंगणा, उमरेड, कुही, नरखेड, नागपूर शहर , वर्धा, सेलू, देवळी, आर्वी, समुद्रपूर, हिंगणघाट, आष्टी, भंडारा, पवनी, लाखांदूर, तिरोडा, चंद्रपूर, भद्रावती, गोंडपिंपरी, राजुरा, कोरपना, मूल, वरोरा, सावली, चिमूर, नागभीड, सिंदेवाही, पोंभुर्णा, गडचिरोली, चामोर्शी।
अमरावती विभाग:-
अमरावती, भातकुली, चांदूर रेल्वे, नांदगाव खंडेश्वर, धामणगाव रेल्वे, अचलपूर, अंजनगाव सुर्जी, तिवसा, धारणी, चिखलदरा, वरुड, मोर्शी, चांदूर बाजार, दर्यापूर, बुलढाणा, जळगाव जामोद, संग्रामपूर, चिखली, देऊळगाव राजा, मेहकर, बुलढाणा, सिंदखेड राजा, लोणार, खामगाव, शेगाव, मलकापूर, मोताळा, नांदुरा, अकोट, अकोला, पातूर, तेल्हारा, मूर्तिजापूर, बाळापूर, बार्शीटाकळी, वाशिम, रिसोड, मालेगाव, मंगरुळपीर, कारंजा, मानोरा, यवतमाळ, बाभुळगाव, कळंब, दारव्हा, दिग्रस, आर्णी, नेर, पुसद, उमरखेड, महागाव, वणी, मारेगाव, झरी-जामणी, केळापूर, घाटंजी, राळेगाव शामिल है।
मराठवाड़ा के सभी 74 तहसीलों में ‘ट्रिगर-1’ लागू
कृषि आयुक्तालय की रिपोर्ट के मुताबिक, जून महीने से अब तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश में भारी कमी दर्ज की गई है। खासतौर पर मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र में स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। मराठवाड़ा के सभी 8 जिलों के 74 में से 74 तालुकों में सूखे की पहली कड़ी यानी ‘ट्रिगर-1’ लागू की गई है। इसमें छत्रपति संभाजीनगर के 9, जालना के 8, बीड के 11, लातूर के 10, धाराशिव के 8, नांदेड़ के 14, परभणी के 9 और हिंगोली के 5 तालुके शामिल हैं।
उत्तर महाराष्ट्र के 49 तहसीलों में भी सूखे की मार
नासिक राजस्व संभाग में भी बारिश की कमी का व्यापक असर देखने को मिला है। यहां जलगांव के 15, अहिल्यानगर के 14, नासिक के 10, नंदुरबार के 6 और धुले के 4 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। बारिश में लंबे अंतराल के कारण इन क्षेत्रों में खरीफ फसलों पर गंभीर असर पड़ा है। कई जगह खेतों में खड़ी फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच गई हैं।
जीपीएस और फोटो के साथ होंगे फसल नुकसान के पंचनामे
फसल नुकसान का आकलन पारदर्शी और सटीक तरीके से करने के लिए सरकार ने जिलाधिकारियों को तत्काल खेतों में जाकर पंचनामा करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक प्रभावित खेत में खड़ी फसल की स्थिति दर्शाने वाले फोटो और संबंधित स्थान के सटीक जीपीएस निर्देशांक दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद कृषि आयुक्त के माध्यम से नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को मिलने वाली वास्तविक आर्थिक सहायता के संबंध में अलग से शासनादेश जारी किया जाएगा।
265 तहसीलों में 12 प्रमुख राहत और उपाय
सरकार के आधिकारिक आदेश के अनुसार सूखाग्रस्त घोषित किए गए 265 तहसीलों में किसानों और प्रभावित परिवारों के लिए कई राहत उपाय तत्काल लागू किए गए हैं।
1. जमीन के राजस्व में 100 प्रतिशत छूट
प्रभावित किसानों को जमीन के राजस्व में पूरी छूट दी गई है।
2. फसल ऋण का पुनर्गठन
चालू सीजन के बकाया फसल ऋण को मध्यम अवधि के ऋण में बदलकर उसका पुनर्गठन किया जाएगा।
3. कृषि ऋण की वसूली पर रोक
बैंकों और सहकारी संस्थाओं द्वारा कृषि से जुड़े विभिन्न प्रकार के ऋणों की वसूली पर तत्काल रोक लगाई गई है।
4. कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत
7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों का बिजली बिल सरकार पहले ही माफ कर चुकी है। अब 7.5 एचपी से अधिक क्षमता वाले कृषि पंपों के चालू बिजली बिल में भी विशेष राहत दी जाएगी।
5. विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ
सूखाग्रस्त क्षेत्रों के स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों की परीक्षा फीस पूरी तरह माफ की गई है।
6. रोजगार गारंटी योजना के नियमों में ढील
खेती मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार गारंटी योजना के कामों के नियमों में ढील दी गई है। मांग के अनुसार नए काम शुरू किए जाएंगे।
7. पानी के लिए टैंकर की व्यवस्था
जिन गांवों और बस्तियों में पीने के पानी की कमी होगी, वहां तत्काल टैंकर से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
8. कृषि पंपों की बिजली नहीं काटी जाएगी
बिजली बिल की बकाया राशि के कारण सूखाग्रस्त गांवों में किसानों के कृषि पंपों का बिजली कनेक्शन काटने पर रोक लगा दी गई है।
9. खाद्यान्न की विशेष व्यवस्था
किसानों और खेत मजदूरों के परिवारों को खाद्यान्न की कमी न हो, इसके लिए विशेष वितरण व्यवस्था की जाएगी।
10. चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होगी
पशुओं के लिए चारे की कमी न हो, इसके लिए चारे की उपलब्धता और वितरण की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को दी गई है।
11. जल संरक्षण के कामों को गति
भूजल स्तर बनाए रखने और उपलब्ध जलस्रोतों के संरक्षण के लिए जल संरक्षण के कामों को युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा।
12. पानी का सूक्ष्म नियोजन
नागरिकों और पशुओं के लिए उपलब्ध पेयजल का उचित आरक्षण और नियोजन करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।
फसल नुकसान के लिए अलग से मिलेगा आर्थिक मुआवजा
मदद एवं पुनर्वास विभाग के सहसचिव संजय इंगले के डिजिटल हस्ताक्षर से यह शासनादेश जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि फसल नुकसान के पंचनामे और आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के संबंध में अलग से शासनादेश जारी किया जाएगा। इसके बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता जमा की जाएगी।
बारिश की कमी से खरीफ फसल पर आए संकट के बीच राज्य के 265 तालुकों में सूखे की पहली कड़ी लागू होने के बाद अब प्रशासन के सामने प्रभावित किसानों के नुकसान का सटीक आकलन करने और उन्हें समय पर राहत पहुंचाने की चुनौती है। सरकार के इस फैसले से सूखे की मार झेल रहे राज्य के लाखों किसान परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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