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Maharashtra

अडानी के शेयरों में हो रही गिरावट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी प्रतिक्रिया, कहा- इससे देश की छवि पर कोई असर नहीं


मुंबई: प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम अडानी के कंपनियों के शेयर में लगातार गिरावट जारी है। एक ओर जहां शेयरों की कीमत लगातार गिर रही है। वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसको लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है। विपक्ष अडानी पर घोटाले का आरोप लगते हुए सुप्रीम कोर्ट या संसदीय समिति से इसकी जांच कराने की मांग कर रहा है। वहीं अब इस मामले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, “बाजार में लगातार उतार चढाव का दौर शुरू रहता है। वहीं आईएफओ के वापस होने से देश की छवि को कोई नुकसान या असर नहीं है।”

बजट में किये घोषणाओं को लेकर केंद्र सरकार देशभर में योजना बना रही है। देश के प्रमुख शहरों में केंद्रीय मंत्री जाकर बजट ने नागरिकों के लिए ऐलान की जानकारी बता रहे हैं। इसी के मद्देनजर वित्तमंत्री सीतारमण शनिवार को मुंबई पहुंची। जहां आयोजित प्रेससवार्ता में पूछे सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने यह बात कही। 

नियामक स्वतंत्र वह करेंगे अपना काम 

सीतारमण ने कहा, “यह नियामक होंगे जो अपना काम करेंगे। आरबीआई ने बयान दिया, उससे पहले बैंकों, एलआईसी ने बाहर आकर अपने एक्सपोजर (अडानी समूह को) के बारे में बताया। सरकार से स्वतंत्र नियामक, जो उचित है उसे करने के लिए उन्हें खुद पर छोड़ दिया जाता है ताकि बाजार अच्छी तरह से चले।”

उन्होने कहा, “इसलिए नियामक अपना काम करेंगे। दरअसल, प्रमुख स्थिति में बाजार को अच्छी तरह से विनियमित रखने के लिए, सेबी प्राधिकरण है और उसके पास उस प्रमुख स्थिति को बरकरार रखने का साधन है।”

दो दिन में आठ बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश

अडानी के एफपीओ पुलआउट के कारण भारत की छवि पर हुए असर को लेकर पूछे सवाल पर बोलते हुए वित्तमंत्री ने कहा, “ ऐसा मत सोचो। पिछले 2 दिनों में विदेशी मुद्रा भंडार 8 बिलियन डॉलर बढ़ गया है। हमारे मैक्रोइकॉनॉमिक फंडामेंटल या अर्थव्यवस्था की छवि प्रभावित नहीं हुई है।”

उन्होंने आगे कहा, "एफपीओ आते हैं और निकल जाते हैं। ये उतार-चढ़ाव हर बाजार में होता है। लेकिन यह तथ्य कि पिछले कुछ दिनों में हमारे पास 8 बिलियन आए हैं, यह साबित करता है कि भारत और इसकी अंतर्निहित ताकत के बारे में धारणा बरकरार है।"