logo_banner
Breaking
  • ⁕ भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, गिट्टीखदान इलाके में तनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Maharashtra

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी छोड़ेंगे राज्यपाल का पद! ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी से की ये मांग 


मुंबई: महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी लगातार किसी न किसी कारण से चर्चाओं में बने रहते हैं। कभी छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए बयान को लेकर तो कभी अपने कामों को लेकर। इसी बीच एक बार फिर वह चर्चा में आ गए हैं, लेकिन इस बार न ही उन्होंने किसी पर विवादित बयान दिया है और न ही किसी महापुरुष की तुलना किसी और से की है। बल्कि अपने पद को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से की मांग को लेकर। 

दरअसल, सोमवार को कोश्यारी ने महाराष्ट्र गवर्नर के अधिकारी ट्विटर अकाउंट से लगातार कई ट्वीट किए। अपने इस ट्वीट के माध्यम से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्यपाल के पद से मुक्त करने की मांग की है। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि, बचा हुआ समय वह पढ़ने, लिखने और अन्य गतिविधियों में बिताना चाहता हूँ। 

कोश्यारी ने लिखा, “महाराष्ट्र जैसे संतों, समाज सुधारकों और वीरों की महान भूमि का राज्यपाल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी। प्रदेश की जनता से तीन वर्ष से अधिक समय तक मिले प्यार और स्नेह को कभी भुलाया नहीं जा सकता।”

उन्होंने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री जी की हाल ही की मुंबई यात्रा के दौरान खुद को राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त करने और अपना शेष जीवन अध्ययन, ध्यान और चिंतन में बिताने की इच्छा व्यक्त की है।" राज्यपाल ने लिखा, "पीएम मोदी का विशेष स्नेह लगातर मुझे मिलता रहा है। आशा है कि इस संबंध में भी मुझे उनका आशीर्वाद प्राप्त होता रहेगा।"