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Maharashtra

महाराष्ट्र में फिर आएगा राजनीतिक भूचाल, शिवसेना के बाद शरद पवार की पार्टी में होगी बड़ी टूट! विधायकों के गुप्त बैठक से मची सनसनी


मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बड़े भूकंप की सुगबुगाहट तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की अगुवाई वाली शिवसेना (Shivsena) में हुई टूट के बाद, अब चर्चा है कि शरद पवार गुट (Sharad Pawar Function) के विधायक भी एक अलग राह पकड़ने की तैयारी में हैं। मानसून सत्र (Maharashtra Assembly Monsoon Sesson) के अंतिम चरण में विधान भवन (Legislature Building) में हुई एक 'गुप्त बैठक' ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। बैठक की खबर लिक होने के बाद फिर एक बार चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। 

विधायकों का NDA की तरफ झुकाव?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विधानमंडल सत्र के दौरान शरद पवार गुट के विधायकों की एक अहम बैठक वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल (Jayant Patil) की मौजूदगी में हुई। इस बैठक की जो अंदरूनी जानकारी सामने आ रही है, वह चौंकाने वाली है। पार्टी के कुल 10 विधायकों में से 9 विधायक इस बैठक में मौजूद थे। इस दौरान जयंत पाटिल ने सभी विधायकों की राय और उनके चुनाव क्षेत्रों की समस्याओं को जाना।

बीजेपी और NDA पहली पसंद, लेकिन रखी ये बड़ी शर्त!

बैठक में अधिकांश विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए (NDA) के साथ जाने का झुकाव दिखाया है। इस बैठक में विधायकों ने साफ तौर पर कहा कि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रुके हुए विकास कार्यों के लिए सरकारी फंड हासिल करने और आगामी 2029 के विधानसभा चुनावों में अपनी राजनीतिक जमीन सुरक्षित रखने के लिए सत्ता के साथ जाना बेहद जरूरी हो गया है।

दिलचस्प बात यह है कि अधिकांश विधायकों ने बीजेपी और एनडीए (NDA) के साथ जाने की इच्छा तो जताई है, लेकिन इसके पीछे एक बड़ी और सख्त शर्त रख दी है। विधायकों का कहना है कि वे अजित पवार या सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में शामिल नहीं होंगे, बल्कि सीधे तौर पर बीजेपी नीत एनडीए के एक स्वतंत्र घटक दल के रूप में काम करना चाहते हैं।

रोहित का विरोध, अब मैदान में उतरेंगे शरद पवार

इन तमाम गतिविधियों के बीच, विधायक रोहित पवार ने खुद को इस बैठक से अलग रखा था। माना जा रहा है कि बीजेपी या एनडीए के साथ जाने का रोहित पवार कड़ा विरोध कर रहे हैं। बैठक के बाद रोहित पवार ने सभी विधायकों से फोन पर संपर्क कर उनकी राय जानने की कोशिश भी की। विधायकों के इस रुख के बाद अब अंतिम फैसले की गेंद शरद पवार के पाले में चली गई है। जयंत पाटिल ने विधायकों को आश्वासन दिया है कि, "मैं आप सभी की भावनाएं और संदेश पार्टी प्रमुख शरद पवार तक पहुंचाऊंगा।" सूत्रों के मुताबिक, इस हालात का हल निकालने के लिए खुद शरद पवार जल्द ही विधायकों और सांसदों की एक संयुक्त बैठक बुलाने वाले हैं, जिसके बाद पार्टी का आधिकारिक रुख स्पष्ट होगा।