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Maharashtra

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का किसानों को बड़ी राहत, कर्जमाफी से 50 हजार की शर्त हटाई; अब 2019 के लाभार्थी किसानों का भी कर्जा होगा माफ़


मुंबई: विधानसभा में अंतिम सप्ताह प्रस्ताव पर बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के हित में दो बड़ी घोषणाएं की हैं। महात्मा फुले कर्जमाफी योजना के तहत जिन किसानों को पहले 50 हजार रुपये तक का लाभ मिलने वाला था, उसे बढ़ाकर अब 2 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही, प्रोत्साहन राशि के लिए साल 2026-27 का फसल कर्ज (पीक कर्ज) समय पर चुकाने की अनिवार्य शर्त को भी सरकार ने पूरी तरह रद्द कर दिया है।

'चुनाव जीत चुके थे, चाहते तो 2029 तक रुक सकते थे'
कर्जमाफी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, "हमने विधानसभा चुनाव के समय जनता से कर्जमाफी का वादा किया था। हम सभी चुनाव जीत चुके हैं और चाहते तो इस फैसले के लिए साल 2029 तक रुक सकते थे, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। जब किसान संकट में हो, तो उसे तुरंत राहत मिलनी चाहिए, इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कर्जमाफी से कोई किसान अमीर नहीं होता, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि उसे मजबूर होकर साहूकार के पास न जाना पड़े।" उन्होंने आगे जोड़ा कि महायुति सरकार किसानों की मदद के लिए हर साल 25 हजार करोड़ रुपये की बिजली बिल माफी भी दे रही है।

विधायकों की मांग पर हटाया नियम
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए 2026-27 के कर्ज की समय पर अदायगी करने की शर्त रखी गई थी। विधायक रणधीर सावरकर के नेतृत्व में महायुति के विधायकों ने इस शर्त को हटाने और सीमा बढ़ाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने कहा, "इस शर्त को हटाने से सरकारी खजाने पर 4 से 5 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। अगर हम पुरानी शर्तों पर अड़े रहते, तो करीब 2 लाख किसान इस लाभ से वंचित रह जाते। इसलिए व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए हमने यह नियम बदलने का फैसला किया।"

अब ऐसे तय होगी पात्रता
मुख्यमंत्री के मुताबिक, साल 2026 में करीब 95 फीसदी किसानों ने अपने कर्ज का भुगतान कर दिया है। नई घोषणा के तहत, साल 2026-27 की शर्त हटने के बाद अब जो किसान पिछले तीन वर्षों में से किन्हीं दो वर्षों में नियमित रूप से कर्ज चुका चुके हैं, वे सभी इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। सरकार के इस कदम से राज्य के लाखों संकटग्रस्त किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।