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Maharashtra

क्रिश्चियन मिशनरियों की जमीनों की होगी जांच, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का विधानसभा में बड़ा एलान


मुंबई: महाराष्ट्र में क्रिश्चियन मिशनरियों के नाम पर दर्ज जमीनों की राजस्व विभाग की ओर से कड़ी जांच की जाएगी। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में घोषणा की कि अगले तीन महीनों के भीतर जमाबंदी आयुक्त के माध्यम से यह जांच पूरी कर ली जाएगी। वे भाजपा विधायक देवयानी फरांदे द्वारा उठाए गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "मुख्य रूप से नासिक में क्रिश्चियन मिशनरियों के कब्जे वाली जमीनों के सभी रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे, जिससे जांच के बाद असली सच्चाई सामने आ सके।" इस मामले की गहन जांच के लिए संभागीय आयुक्त (डिविजनल कमिश्नर) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। इस समिति में जमाबंदी आयुक्त कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी और पंजीकरण महानिरीक्षक (IGR) कार्यालय के अधिकारी शामिल होंगे। राजस्व मंत्री ने साफ किया कि जिन जमीनों पर फिलहाल रिहायशी बस्तियां या सरकारी निर्माण हो चुके हैं, उन पर अलग से विचार किया जाएगा; लेकिन किसी भी तरह के अवैध निर्माण या कब्जे पर सख्त कार्रवाई होगी।

पुलिस अधीक्षक करेंगे जांच, विदेशी फंडिंग का आरोप

धुले जिले में गैर-मराठी और राज्य के बाहर के लोगों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर की जा रही जमीन खरीदी को राज्य सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। भाजपा विधायक अनूप अग्रवाल ने विधानसभा में सनसनीखेज आरोप लगाया कि इन जमीनों को खरीदने के लिए विदेशों से पैसा (फॉरेन फंडिंग) आ रहा है। इन आरोपों का तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने सदन में घोषणा की कि धुले के इस पूरे मामले की जांच सीधे जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के जरिए कराई जाएगी। इसके साथ ही इस कथित मामले की गहराई से जांच के लिए संभागीय आयुक्त और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष उच्च स्तरीय विंग भी काम करेगी।

किसान न होने पर भी खरीदी जमीन

महाराष्ट्र के टेनेंसी एक्ट (कुळ कायदा) के प्रावधानों के अनुसार, राज्य में कोई भी कृषि भूमि (खेती की जमीन) खरीदने के लिए उस व्यक्ति का किसान होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। हालांकि, इस नियम को ठेंगा दिखाकर कई ऐसे लोगों ने जमीनें खरीदी हैं जो किसान नहीं हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता जयंत पाटिल ने भी सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने मुद्दा उठाया कि मोपा एयरपोर्ट के पास के इलाके में भी राज्य के बाहर के कई लोगों ने आकर अवैध रूप से जमीनें खरीदी हैं।

फर्जी किसानों पर कसेगा शिकंजा

राजस्व मंत्री बावनकुले ने बताया कि किसान न होने के बावजूद जिन बाहरी लोगों ने जमीनें हथियाई हैं, उनकी पहचान के लिए जमाबंदी आयुक्त के जरिए पूरा डेटा जुटाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "अब राज्य में जब भी कोई नई जमीन की रजिस्ट्री कराने आएगा, तो उसका महाराष्ट्र में कहीं 'सातबारा' (7/12) है या नहीं, इसे जांचने का पूरा 'डेटा एक्सेस' हमने स्टैम्प ड्यूटी और सब-रजिस्ट्रार अधिकारियों को दे दिया है।" उन्होंने भरोसा जताया कि इस नई व्यवस्था से फर्जी किसान बनकर जमीन खरीदने वालों पर तुरंत लगाम कसेगी।