logo_banner
Breaking
  • ⁕ मंथन फॉर युवा अभियान का हुआ समापन, CM फडणवीस बोले- युवाओं के सपनो को मिलेगी नई दिशा; एक साथ 4100 युवाओं ने किया ढोल-ताशा का वादन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड ⁕
  • ⁕ राहुल गांधी के महिला अधिकार वाले बयान पर CM फडणवीस का पलटवार, बोले- ‘खाने के दांत अलग, दिखाने के अलग’ ⁕
  • ⁕ समृद्धी-शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर विजय वडेट्टीवार के गंभीर आरोप, बोले- ‘जनता को समृद्धि मिलेगी या ठेकेदारों को?’ ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी ग्रामीण अस्पताल में सर्पदंश के मरीज को पीठ पर ले जाने का वीडियो वायरल; बदइंतजामी के आरोपों पर अस्पताल प्रशासन ने पेश की असलियत ⁕
  • ⁕ "हम शिक्षक हैं, व्यापारी नहीं!" तुकाराम मुंढे के आदेश पर भड़के शिक्षक, मिड-डे मील के FSSAI लाइसेंस को लेकर छिड़ा नया विवाद ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

तुकाराम मुंढे को बड़ा झटका, गोरस भंडार पर की कार्रवाई को हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने बताया गैर-कानूनी


नागपुर: वर्धा का ऐतिहासिक गोरस भंडार, जिसकी शुरुआत वर्ष 1938 में महात्मा गांधी की सलाह पर हुई थी, एक बार फिर सुर्खियों में है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की कार्रवाई को बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने गैर-कानूनी करार दिया है। इस फैसले के बाद न सिर्फ FDA की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है।

वर्धा स्थित प्रसिद्ध डेयरी संस्थान गोरस भंडार, जिसकी स्थापना वर्ष 1938 में महात्मा गांधी की सलाह पर हुई थी, एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। यह संस्थान गाय के दूध, घी, खोवा, छाछ, पनीर समेत कई डेयरी उत्पादों के लिए जाना जाता है और इसके उत्पाद वर्धा सहित विदर्भ के कई जिलों में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

31 मई 2026 को FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गोरस भंडार की उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के पालन में कथित अनियमितताओं का दावा करते हुए टीम ने दूध, घी, छाछ, खोवा समेत विभिन्न उत्पादों के नमूने जांच के लिए लिए। साथ ही करीब 25.86 लाख रुपये का संदिग्ध स्टॉक जब्त कर उत्पादन इकाई को सील कर दिया गया और बाजार से उत्पाद वापस मंगाने के निर्देश भी जारी किए गए।

FDA की इस कार्रवाई को गोरस भंडार प्रबंधन ने बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ में चुनौती दी। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि कार्रवाई के दौरान आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और FDA की सीलिंग कार्रवाई को गैर-कानूनी करार दिया।

हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इसने खाद्य सुरक्षा, प्रशासनिक कार्रवाई की वैधता, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और नियामक एजेंसियों की शक्तियों की सीमाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।