दीक्षाभूमि विकास पर सभी पक्षों की सहमति से बनेगा रोडमैप, पालकमंत्री बावनकुले ने जल्द मास्टर प्लान तैयार करने का दिया निर्देश
नागपुर: नागपुर स्थित दीक्षाभूमि को विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रशासन को दीक्षाभूमि के समग्र विकास का मास्टर प्लान जल्द तैयार कर सभी संबंधित पक्षों के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नए नागपुर में लेआउट विकसित करने से पहले पेयजल, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने, सरकारी जमीनों की ड्रोन सर्वे के जरिए मैपिंग कराने तथा अतिवृष्टि से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की।
नागपुर सुधार प्रन्यास में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायियों की आस्था के प्रमुख केंद्र दीक्षाभूमि का विकास सभी संबंधित पक्षों की सहमति से किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही विशेष बैठक बुलाकर विस्तृत मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बावनकुले ने कहा कि दीक्षाभूमि केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और प्रेरणा का केंद्र है। यहां पंचशील और धम्म के मूल्यों को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने के साथ श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
बैठक में नए नागपुर के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। पालकमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नए लेआउट विकसित करने से पहले पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नागपुर सुधार प्रन्यास और एनएमआरडीए के अधीन सभी जमीनों की ड्रोन और एमआरसैक तकनीक से मैपिंग कराने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में भारी बारिश और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करने, ग्रामीण सड़कों, जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
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