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Gondia

गोंदिया में थर्रा देने वाला मंजर: सूखी चुलबंद नदी में अचानक आया तेज सैलाब, रेती वाले बैलगाड़ी चालक फंसे, चरवाहों ने सूझबूझ से बचाई मवेशियों की जान


गोंदिया: गोंदिया जिले में पिछले दो-तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले के तमाम नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच सडक अर्जुनी तालुका के चुलबंद नदी में एक बेहद चौंकाने वाली और थर्रा देने वाली घटना सामने आई है। लगातार हो रही बारिश के कारण सुबह तक सूखी पड़ी चुलबंद नदी में अचानक पानी का बहाव और रफ्तार इतनी बढ़ गई कि नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इस अचानक आई बाढ़ में रेत का परिवहन करने वाले कई बैलगाड़ी चालक नदी के दूसरे किनारे पर फंस गए, जबकि चरवाहों की तत्परता से दर्जनों मवेशियों को सुरक्षित बचा लिया गया।

सुबह तक सूखी थी नदी, दोपहर में आ गया सैलाब
सडक अर्जुनी तालुका के सौंदल, राका और पलसगांव इलाके से गुजरने वाली चुलबंद नदी का तल सुबह तक पूरी तरह सूखा हुआ था। लेकिन कैचमेंट एरिया में लगातार हुई भारी बारिश के कारण स्थानीय 'सशीकरण नाले' में भारी उफान आ गया। इस नाले का पानी चुलबंद नदी में समाहित होने से नदी ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया और पानी की रफ्तार कई गुना बढ़ गई।

नदी में अचानक आए इस बहाव के कारण वहां रेत (रेती) निकालने गए बैलगाड़ी चालक नदी के दूसरे किनारे पर ही फंसे रह गए। पानी का वेग इतना तेज है कि सीधे नदी पार करना नामुमकिन हो गया है। अब इन बैलगाड़ी चालकों को पलसगांव-राका मार्ग पर स्थित चुलबंद नदी के पुल से एक बड़ा चक्कर लगाकर सुरक्षित वापस लौटना पड़ेगा।

चरवाहों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, मोटर पंप बहे
जिस वक्त नदी का जलस्तर अचानक बढ़ना शुरू हुआ, उस समय कई चरवाहे नदी के आसपास अपने मवेशियों को चरा रहे थे। पानी को तेजी से आगे बढ़ता देख चरवाहों ने बिना वक्त गंवाए गजब की सूझबूझ दिखाई। उन्होंने खुद की जान जोखिम में डालकर सभी मवेशियों को समय रहते नदी से बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों ने बताया कि गर्मी के मौसम में नदी के सूखे तल से खेतों में पानी खींचने के लिए किसानों ने जो इलेक्ट्रिक मोटर पंप लगा रखे थे, वे इस तेज सैलाब में बह गए हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

तटीय गांवों के लिए अलर्ट जारी
फिलहाल, चुलबंद नदी पर बने कोल्हापुरी बांध (बंधारे) के ऊपर से पानी बेहद तेज रफ्तार से बह रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सडक अर्जुनी तालुका की लगभग सभी सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं। प्रशासन ने नदी के किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। हालांकि, नदी में अचानक आए इस पानी से बारिश पर निर्भर रहने वाले स्थानीय किसानों को बड़ी राहत मिली है और खेती के काम में तेजी आने की उम्मीद है।