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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर लगेगी रोक, शिकायत सही मिलने पर रद्द होगी स्कूल की मान्यता; नई समिति गठित


नागपुर: नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों (अनुदानित और गैर-अनुदानित) द्वारा की जाने वाली मनमानी फीस बढ़ोतरी से परेशान अभिभावकों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है। नागपुर संभाग में स्कूलों की अवैध फीस वृद्धि पर लगाम लगाने के लिए आधिकारिक तौर पर 'विभागीय शुल्क नियामक समिति' की स्थापना कर दी गई है। इस कदम से अभिभावकों को स्कूलों की मनमानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए एक मजबूत और अधिकृत मंच मिल गया है।

यह कार्रवाई 'महाराष्ट्र शैक्षणिक संस्थान (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2011' के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य फीस निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और डोनेशन या छुपे हुए शुल्कों के नाम पर होने वाली लूट को रोकना है।

समिति को मिली हैं सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां
नवनियुक्त समिति को बेहद कड़े और विशेष कानूनी अधिकार सौंपे गए हैं। यदि किसी स्कूल के खिलाफ फीस बढ़ोतरी की शिकायत मिलती है, तो समिति को निम्नलिखित कार्रवाई करने का अधिकार होगा। 

  • संबंधित स्कूल के सभी वित्तीय और आर्थिक दस्तावेजों (Financial Documents) की जांच करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें जब्त करना।
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षा संस्थानों पर भारी दंडात्मक (फाइन) कार्रवाई करना।
  • स्कूलों द्वारा छात्रों या अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त/अवैध फीस को ब्याज सहित वापस लौटाने का आदेश देना।
  • गंभीर और बार-बार नियम तोड़ने वाले मामलों में संबंधित स्कूल की मान्यता (Recognition) को रद्द करने की सिफारिश बोर्ड (जैसे- CBSE/State Board) से करना।

अभिभावक कैसे और कहां दर्ज कराएं शिकायत?
अगर कोई भी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर फीस बढ़ाता है, तो अभिभावक या स्कूल की पैरेंट-टीचर एसोसिएशन (PTA) समिति के पास अपनी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

  • आवेदन पत्र में स्कूल का नाम, पता और शिकायत का पूरा विवरण स्पष्ट रूप से लिखना होगा।
  • शिकायत के साथ स्कूल की फीस रसीदें, फीस बढ़ोतरी का सर्कुलर (परिपत्रक) या अतिरिक्त पैसों की मांग से जुड़े पुख्ता सबूत जोड़ना अनिवार्य है।
  • यह आवेदन पत्र 'शिक्षण उपसंचालक, नागपुर विभाग' के कार्यालय में सीधे जाकर या रजिस्टर्ड पोस्ट (पंजीकृत डाक) के माध्यम से जमा किया जा सकता है।

शिकायत हो तो जल्द करें संपर्क

विभागीय शिक्षण उपसंचालक, नागपुर की सचिव डॉ. माधुरी सावरकर ने कहा कि,"अवैध और अत्यधिक फीस बढ़ोतरी को लेकर यदि किसी अभिभावक, छात्र या संबंधित संस्था को कोई शिकायत है, तो वे तुरंत समिति से संपर्क करें। शिकायत मिलते ही तथ्यों की जांच कर संबंधित स्कूल के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब नागपुर संभाग (जिसमें नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिले शामिल हैं) के लाखों अभिभावकों को राहत मिलेगी और स्कूलों की मनमानी पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी।