चंद्रपुर मनपा में हाई-वोल्टेज ड्रामा: आमसभा रद्द होने पर बीजेपी के दो गुटों में जमकर धक्का-मुक्की, मुनगंटीवार बनाम जोरगेवार समर्थकों में बवाल
चंद्रपुर: चंद्रपुर शहर महानगरपालिका (Chandrapur Municipal Corporation) में चल रहा राजनीतिक गतिरोध अब बेहद शर्मनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार को होने वाली सर्वसाधारण सभा (आमसभा) को ऐन वक्त पर रद्द किए जाने की वजह से भड़का विवाद आज सीधे हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। मनपा मुख्यालय में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) के ही दो गुट आपस में भिड़ गए और बात इतनी बढ़ गई कि नगरसेवकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज हुई। इस अभूतपूर्व हंगामे के चलते मनपा परिसर में कई घंटों तक भारी तनाव का माहौल बना रहा।
मुनगंटीवार बनाम जोरगेवार गुट आमने-सामने
मनपा गलियारों से मिली जानकारी के मुताबिक, भाजपा के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी आज सरेआम सड़क पर आ गई। वरिष्ठ नेता और विधायक सुधीर मुनगंटीवार के समर्थक नगरसेवक और स्थानीय विधायक किशोर जोरगेवार के समर्थक नगरसेवकों के बीच मनपा कमिश्नर कार्यालय के बाहर तीखी नोकझोंक शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों गुटों के नगरसेवक बेहद आक्रामक हो गए और एक-दूसरे के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की करने लगे। मनपा के इतिहास में सत्ताधारी दल के दो बड़े धड़ों के बीच इस तरह की धक्का-मुक्की की यह पहली बड़ी घटना है।
स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति का पेंच
इस पूरे विवाद की असली वजह मनपा में 'स्वीकृत सदस्यों' (Co-opted Members) के दो पदों पर होने वाली नियुक्ति है। चर्चा है कि एजेंडे में जोरगेवार गुट के दो करीबियों के नामों को शामिल किया गया था, जिसका मुनगंटीवार गुट अंदरखाने विरोध कर रहा था। इसी अंदरूनी खींचतान और दबाव के चलते जब महापौर (मेयर) ने ऐन वक्त पर सभा को रद्द करने का फैसला सुनाया, तो दोनों ही गुटों का धैर्य जवाब दे गया। एक गुट सभा रद्द होने के लिए दूसरे को जिम्मेदार ठहराने लगा, जिससे विवाद विकराल हो गया।
कमिश्नर दफ्तर बना अखाड़ा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
नगरसेवक कल रात से ही कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे थे। आज सुबह जब दोनों गुटों के नेता और समर्थक भारी संख्या में वहां पहुंचे, तो मनपा मुख्यालय परिसर किसी राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। भाजपा जैसे अनुशासित दल के नगरसेवकों को आपस में भिड़ते देख वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी दंग रह गए।
मामले की गंभीरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए शहर पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मनपा मुख्यालय पहुंचे। पुलिस ने दोनों गुटों के नगरसेवकों को समझा-बुझाकर अलग किया और मनपा परिसर से बाहर निकाला। फिलहाल मनपा भवन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन शहर के राजनीतिक गलियारों में इस धक्का-मुक्की ने भाजपा की अंदरूनी कलह को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
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