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Nagpur: मौदा तहसील के ग्रामीण इलाकों में गहराया पेयजल संकट, पेंच परियोजना से पानी छोड़े जाने की मांग तेज़


नागपुर: जिले के मौदा तहसील के कई गांवों में भीषण गर्मी के चलते पेयजल संकट गहराता जा रहा है। तहसील से बहने वाली प्रमुख नदियाँ कन्हान, वालू और सूर नदी  तेजी से सूख रही हैं और उनके किनारे अब पूरी तरह सूखे दिखाई दे रहे हैं। इस कारण, सूर नदी के किनारे बसे गांवों को ग्राम पंचायत स्तर पर जलापूर्ति बनाए रखने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

खासतौर से खात, आरोली, कोडामेंधी, वाळकेश्वर, बोरगांव, चिचोली, इजनी, धर्मपुरी, ताडा और महालगाव जैसे गांवों में हालात और भी चिंताजनक हैं। इन गांवों में जलापूर्ति योजनाएं ठप पड़ने की कगार पर हैं, वहीं मवेशियों के लिए भी पीने के पानी का इंतज़ाम करना मुश्किल होता जा रहा है।

इसी को देखते हुए मौदा तहसील के पूर्व जिला परिषद सदस्य मुकेश अग्रवाल और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में उन्होंने मांग की है कि पेंच परियोजना जलाशय से पानी छोड़ा जाए ताकि सूर नदी और सांड नदी में जलप्रवाह पुनः शुरू हो सके और ग्रामीणों व पशुओं को राहत मिल सके।

ज्ञापन में इस संकट को तत्काल समाधान की आवश्यकता बताया गया है और सरकार से जल्द से जल्द पेंच परियोजना से पानी छोड़े जाने की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर जलप्रवाह सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं।