logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर में बंद, खराब पुलिस चौकियों को मिलेगी नई ज़िंदगी! पुलिस प्रशासन का निर्णय ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

Nagpur: खदान में खुदे गड्ढे में गिरने से 11 वर्षीय बालक की मौत, प्रशासन और खदान संचालकों की लापरवाही पर सवाल


नागपुर: मानकापुर थाना क्षेत्र में खदान के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में भरे पानी ने एक बार फिर एक मासूम की जान ले ली। गोधनी रेलवे निवासी 11 वर्षीय अब्दुल रूजेन अब्दुल रज्जाक अपने दोस्तों के साथ बिना किसी को बताए खदान के पुराने गड्ढे में जमा पानी के पास नहाने गया था, जहां गहरे पानी में डूबने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने प्रशासन और खदान संचालकों की गंभीर लापरवाही पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के मुताबिक अब्दुल अपने दो से तीन दोस्तों के साथ बिना किसी को बताए खदान के पुराने गड्ढे में जमा पानी के पास नहाने गया था। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। घटना के बाद उसके साथ मौजूद बच्चों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पानी में उतरकर अब्दुल को बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही मानकापुर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि खदान की खुदाई के बाद वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। उचित तरीके से भराव नहीं होने के कारण वहां गहरा जलभराव हो गया, जो अब एक बड़े तालाब का रूप ले चुका है। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इसी जगह पर चार से पांच बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद मनसे पदाधिकारी और कार्यकर्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। मनसे ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए खदान संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग भी उठाई गई है।