logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर में बंद, खराब पुलिस चौकियों को मिलेगी नई ज़िंदगी! पुलिस प्रशासन का निर्णय ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

अभिजीत दीपके पहुंचे नागपुर, दीक्षाभूमि पहुंचकर डॉ. बबासाहेब आंबेडकर को किया नमन


नागपुर: धम्मचक्र प्रवर्तन के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके दीक्षाभूमि पहुंचे। यहां उन्होंने पवित्र स्तूप के भीतर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमाओं के समक्ष पूजा-अर्चना कर नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।

धम्मचक्र प्रवर्तन के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नागपुर की ऐतिहासिक दीक्षाभूमि में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। इस खास अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में अनुयायी और नागरिक दीक्षाभूमि पहुंचकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और भगवान गौतम बुद्ध को नमन कर रहे हैं।

इसी क्रम में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके भी अपने साथियों के साथ दीक्षाभूमि पहुंचे। यहां उन्होंने पवित्र स्तूप के भीतर जाकर भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमाओं के समक्ष पूजा-अर्चना की और श्रद्धापूर्वक नमन कर अभिवादन किया।

धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस बौद्ध धम्म, समानता, स्वतंत्रता और बंधुता के मूल्यों को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 1956 में दीक्षाभूमि पर लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा लेकर सामाजिक परिवर्तन और समतामूलक समाज का संदेश दिया था। आज भी यह ऐतिहासिक स्थल लाखों लोगों के लिए प्रेरणा और आस्था का केंद्र बना हुआ है।