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Nagpur

महाराष्ट्र कांग्रेस में नहीं सब ठीक; आशीष देशमुख ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखा पत्र, प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग


नागपुर: कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र प्रदेश महासचिव आशीष देशमुख (Ashish Deshmukh) और प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) के बीच शुरू कोल्डवार लगातार बढ़ती जा रही। वह पाटोले पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। इसी बीच मंगलवार को देशमुख ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Khadge) को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष पद से पटोले को हटाने की मांग की है। इसको लेकर एक निवेदन भी दिया गया है।

खड़गे को लिखे अपने तीन पन्नो के पत्र में देशमुखे ने कहा, फरवरी 2022 में नाना पटोले के प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद से कांग्रेस कई मामलों में पिछड़ गई है। देशमुख ने कहा है कि विदर्भ कांग्रेस का गढ़ था लेकिन पटोले के कारण यह गढ़ कांग्रेस से बच गया। इसके साथ ही देशमुख ने यह भी आरोप लगाया है कि मौजूदा सत्यजीत तांबे मामले के लिए नाना पटोले जिम्मेदार हैं।

देशमुख ने कहा, “पटोले के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही कांग्रेस के आंसू छलक रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा था कि फरवरी 2021 में अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद हम भविष्य में कांग्रेस को महाराष्ट्र में नंबर एक पार्टी बनाने के लिए काम करेंगे। उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से कांग्रेस को नुकसान होना शुरू हो गया है। कई लोगों ने पार्टी के सदस्य रहते हुए भी पार्टी विरोधी काम किया।”

उन्होंने कहा, “पार्टी में अनुशासन नहीं है। मूल रूप से नेताओं के मन में पार्टी की विचारधारा का भी सम्मान नहीं है। एक तरफ राहुल गांधी भारत को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को पार्टी से ज्यादा अपनी सत्ता में दिलचस्पी है।”

महाराष्ट्र में कांग्रेस का भविष्य महाराष्ट्र की जनता के हाथ में है। कांग्रेस को निर्णायक भूमिका निभानी होगी। उसके लिए मजबूत नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क तैयार करना होगा। नेता और कार्यकर्ता फिर जरूर मेल खाएंगे लेकिन उसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता और कार्यकर्ताओं के बीच की कड़ी यानी महाराष्ट्र क्षेत्र के नेतृत्व का होना जरूरी है। 

महाराष्ट्र में कांग्रेस की स्थिति में सुधार के लिए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को बदलने की तत्काल आवश्यकता है। प्रदेश अध्यक्ष ऐसा होना चाहिए जो महाराष्ट्र के गांवों में घूमकर जनता के मुद्दों को उठाए और कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करे।