Big News: नागपुर में पानी का संकट गहराने की आशंका, बांधों में सिर्फ 51.55% पानी; 4 परियोजनाओं में कटौती के निर्देश
नागपुर: नागपुरकरों के लिए पानी को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर है। नागपुर जिले के 77 बांधों में अब औसतन सिर्फ 51.55 फीसदी पानी बचा है, जबकि पिछले साल इसी समय बांध लगभग लबालब थे। पिछले साल 15 अक्टूबर को 98.18 फीसदी जलसाठा था, जो इस साल घटकर करीब आधा रह गया है। पानी की घटती उपलब्धता को देखते हुए प्रशासन ने जल आरक्षण की समीक्षा कर चार परियोजनाओं से होने वाली पानी की मांग में कटौती के निर्देश दिए हैं। हालांकि, पेंच परियोजना से नागपुर शहर की पेयजल आपूर्ति में फिलहाल कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे में सवाल है कि क्या आने वाले महीनों में नागपुर और जिले के अन्य क्षेत्रों में पानी का संकट और गहरा सकता है?
नागपुर जिले में बांधों के घटते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिले के बड़े, मध्यम और लघु श्रेणी के कुल 77 बांधों में 15 अक्टूबर 2026 तक औसतन 51.55 फीसदी पानी उपलब्ध है। पिछले साल इसी तारीख को यह आंकड़ा 98.18 फीसदी था। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार जलसाठे में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इसी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद की अध्यक्षता में जिला नियोजन भवन में वार्षिक जल आरक्षण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलसंपदा विभाग, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण, महानगरपालिका और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं में उपलब्ध पानी तथा आगामी जरूरतों की समीक्षा की। इसके बाद पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिए पानी की मांग में कटौती को लेकर निर्देश दिए गए।
चार परियोजनाओं में पानी की मांग घटाने के निर्देश
प्रशासन ने वडगांव, वेणा, मकरधोकड़ा और सुराबर्डी परियोजनाओं में उपलब्ध जलसाठे को देखते हुए पानी की मांग में कटौती करने के निर्देश दिए हैं।
- वडगांव परियोजना: 55.48% जलसाठा। पेयजल और औद्योगिक पानी की मांग में 10-10% कटौती के निर्देश।
- वेणा परियोजना: 61.10% जलसाठा। पेयजल की मांग में 30% और औद्योगिक पानी की मांग में 40% कटौती के निर्देश।
- मकरधोकड़ा परियोजना: 27.59% जलसाठा। पेयजल की मांग में 10% और औद्योगिक पानी की मांग में 20% कटौती के निर्देश।
- सुराबर्डी परियोजना: 38.96% जलसाठा। पेयजल की मांग में 40% कटौती के निर्देश।
इन निर्देशों के जरिए उपलब्ध पानी को आगामी अवधि के लिए संभालकर इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही है।
नागपुर शहर को फिलहाल राहत, पेंच से नहीं कटेगा पानी
जिले में जलसाठा घटने के बावजूद नागपुर शहर के लिए फिलहाल राहत की खबर है। पेंच बड़े प्रकल्प में 15 अक्टूबर तक 48.48 फीसदी पानी उपलब्ध था। प्रशासन के मुताबिक, इस परियोजना से नागपुर महानगरपालिका के लिए स्वीकृत जल आरक्षण के आधार पर 31 अगस्त 2027 तक पेयजल उपलब्धता की स्थिति बनी हुई है। इसलिए फिलहाल शहर की पेयजल आपूर्ति में कटौती नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, जिले की अन्य परियोजनाओं में पानी की उपलब्धता को देखते हुए प्रशासन ने गैर-सिंचाई उपयोग के लिए भी सतर्कता बरतने को कहा है। अन्य परियोजनाओं में पेयजल की मांग में 10 फीसदी कटौती करने के निर्देश दिए गए हैं।
उद्योगों को पानी के पुनर्चक्रण पर जोर
प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों को अपने कुल पानी के उपयोग में से 30 फीसदी पानी के पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, किसी परियोजना से पेयजल के लिए आपात स्थिति में पानी छोड़ने की मांग होने पर संबंधित अधिकारियों को पूर्व अनुमति के बिना पानी नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिकों से पानी बचाने की अपील
बांधों में उपलब्ध सीमित जलसाठे को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से पानी का इस्तेमाल सावधानी और जिम्मेदारी से करने की अपील की है। साथ ही, एल नीनो के प्रभाव से गर्मी बढ़ने की आशंका को ध्यान में रखते हुए परिवार के सदस्यों, पशुधन और पक्षियों की देखभाल करने की सलाह भी दी गई है।
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