पहली पसंद के वोटों से ही जीत का कोटा पूरा करेंगे सुधाकर कोहळे, महायुति विवाद पर सीएम फडणवीस बोले- एकनाथ शिंदे करें अपने नेताओं से बात
नागपुर: महाराष्ट्र में पांच स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में भाजपा-महायुति के उम्मीदवार सुधाकर कोहळे के प्रचार के दौरान बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके उम्मीदवार को पहली पसंद के वोटों से ही जीत के लिए जरूरी कोटा मिल जाएगा और दूसरी पसंद के वोटों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, महाविकास आघाड़ी के भीतर गुटबाजी का आरोप लगाते हुए फडणवीस ने महायुति को एकजुट बताया। इसके साथ ही उन्होंने अब्दुल सत्तार की अलग भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए शिवसेना नेतृत्व से इस मामले पर ध्यान देने की अपेक्षा जताई।
महाराष्ट्र में आगामी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न दलों के नेता अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा-महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार सुधाकर कोहळे के प्रचार के लिए शिक्षकों, प्राध्यापकों और विश्वविद्यालय के शिक्षक मंच के प्रतिनिधियों से संवाद किया।
इस दौरान फडणवीस ने शिक्षकों की समस्याएं सुनीं और शिक्षा क्षेत्र में राज्य सरकार की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने प्राध्यापकों की बड़े पैमाने पर भर्ती शुरू करने सहित सरकार की पहलों का उल्लेख किया और उपस्थित लोगों से सुधाकर कोहळे के समर्थन में मतदान करने की अपील की।
पहली पसंद के वोटों पर फडणवीस का भरोसा
प्रचार कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सुधाकर कोहळे को बड़े पैमाने पर समर्थन मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में उनके उम्मीदवार को पहली पसंद के वोटों से ही जीत के लिए जरूरी कोटा हासिल हो जाएगा। फडणवीस के मुताबिक, उम्मीदवार को दूसरी पसंद के वोटों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह बयान चुनाव में भाजपा-महायुति के उम्मीदवार को लेकर उनके भरोसे को दर्शाता है।
महाविकास आघाड़ी पर गुटबाजी का आरोप
महाविकास आघाड़ी में आपसी मतभेद और गुटबाजी की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि विपक्षी गठबंधन में पहले से ही विभाजन की स्थिति रही है। इसके विपरीत, उन्होंने भाजपा और महायुति के सहयोगी दलों को एकजुट होकर काम करने वाला गठबंधन बताया।
उन्होंने नागपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस और आरपीआई के सहयोगी मिलकर चुनावी काम कर रहे हैं। वहीं, उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के बीच इस तरह के समन्वय की कमी होने का दावा किया।
पांचों सीटों पर महायुति के उम्मीदवारों को समर्थन का दावा
महाराष्ट्र के पांच स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर फडणवीस ने कहा कि महायुति के सहयोगी दल अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में काम कर रहे हैं। उन्होंने अमरावती में किरण सरनाईक और पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. स्मिता जाधव के समर्थन का उल्लेख किया। फडणवीस ने कहा कि पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना के कार्यकर्ता भी प्रचार में जुटे हैं।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सहयोगी दलों के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबला होने की बात कहते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे गठबंधन के भीतर मतभेद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं, छत्रपति संभाजीनगर में राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवार सतीश चव्हाण को भाजपा और शिवसेना का समर्थन मिलने की बात कही। फडणवीस ने दावा किया कि पांचों सीटों पर महायुति के उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे।
अब्दुल सत्तार की भूमिका पर शिंदे से कार्रवाई की अपेक्षा
छत्रपति संभाजीनगर निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना के कुछ नेताओं की अलग-अलग भूमिकाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर फडणवीस ने अब्दुल सत्तार के रुख का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मंत्री संजय शिरसाट पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि शिवसेना महायुति के उम्मीदवार सतीश चव्हाण के साथ है और भाजपा भी शुरुआत से उनके समर्थन में काम कर रही है।
फडणवीस ने कहा कि किसी एक नेता की अलग राय को पूरे दल का आधिकारिक रुख नहीं माना जा सकता। हालांकि, उन्होंने अपेक्षा जताई कि संबंधित पार्टी के प्रमुख एक ही गठबंधन में रहते हुए नेताओं की ओर से अपनाई जा रही अलग-अलग भूमिकाओं पर ध्यान देंगे।
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