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Nagpur

बाढ़ के लिए सीमेंट की सड़के हैं असली विलन! प्रेस वार्ता में मनपा आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने बताएं कारण


नागपुर: शनिवार को नागपुर में आयी भारी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे. शहर में बारिश के बाद जो हालत बन रहे है उन्हें लेकर सीधे सवाल नागपुर महानगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठाए जा रहे है. इन्ही सवालो का मनपा आयुक्त ने सिलसिलेवार ढंग से जवाब दिया है. बुधवार को आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सभी सवालों के जवाब दिए.

आयुक्त ने यह स्पस्ट तौर पर माना की जनजामाव की जो स्थिति बन रही उसके पीछे मौजूदा समय में शहर में ड्रेनेज सिस्टम की सही व्यवस्था का न हो पाना है उसके साथ ही उन्होंने कुछ हद तक इस स्थिति के लिए सीमेंट रोड़ को भी जिम्मेदार बताया। आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि बरसाती पानी की वजह से नागरिकों को जो नुकसान हुआ है उसका सर्वे किये जा रहा है. और पंचनामा कर नागरिकों को नुकसान भरपाई दी जायेगी।

नागपुर मनपा इन दिनों निशाने पर है. वजहें कई है. शनिवार को शहर में हुई ताजी और तेज बारिश के बाद शहर भर में बनी जलजमाव की स्थिति ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की फिर एक बार पोल खोलकर रख दी है. नाराजगियो के बीच मनपा आयुक्त ने बुधवार को अपना पक्ष रखते हुए सभी सवालो के जवाब दिए. आयुक्त ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से बारिश से हुए नुकसान का पंचनामा किया जा रहा है. जिसके बाद सरकार ने जो नियम तय किये है उसके अनुसार नुकसान की भरपाई दी जायेगी।

शहर में लगातार जो बाढ़ के हालत बन रहे है उससे यह तो स्पस्ट है की शहर का ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हो चुका है.. खुद मनपा आयुक्त ने यह बात मानी की बरसाती पानी की निकासी के लिए जिस तरह की व्यवस्था होनी चाहिए वो नहीं है. आयुक्त इस दिक्कत के लिए कई कारणों को गिना रहे है साथ ही साथ ये भी कह रहे है कि इस समस्या का समाधान खोजने का प्रयास किया जायेगा।

आयुक्त अपनी सफाई के साथ टीस भी व्यक्त कर रहे है कि शहर में हर समस्या के लिए मनपा जिम्मेदार नहीं है लेकिन लोकल बॉडी होने के नाते रसीद हमेशा उसी के नाम से फटती है. जलजमाव की जो स्थिति इस वर्ष बनी उसमे निचले इलाको में ज्यादा दिक्कत थी. खास यह भी है यह इलाके या ले आउट ज्यादातर नागपुर सुधार प्रन्यास क्षेत्र के है. एक बड़ा कारण सीमेंट रोड को लेकर भी गिनाया जा रहा है खुद आयुक्त ने भी इस बात को माना की सीमेंट सडको के निर्माण में गलतियां हुई है. आयुक्त के मुताबिक पुरानी गलती को सुधारकर अब गलतियां न हो इस पर ध्यान दिया जा रहा है.

आयुक्त के मुताबिक वैज्ञानिक समाधान खोजा जा रहा है. इसके लिए वीएनएटी की मदत भी ली जायेगी। शनिवार को जो पानी आया उसका असर शहर की 465 बस्तियों में हुआ है और 10 हजार से अधिक घर इससे प्रभावित हुए है. कई जगहों पर आयुक्त ड्रेनेज और ट्रंक लाइन के आपस में मिल जाने और इसमें सीएनडी वेस्ट के साथ ही कचरा जाने को भी बड़ी चिंता बता रहे है. लंबे समय बाद मनपा आयुक्त द्वारा की गई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने न केवल सभी सवालों के जवाब दिए बल्कि इत्मीनान से बातचीत भी की.